
सवा महीने पूर्व तमिलनाडु के आईनापोरम से नौ किलो सोना और 2 करोड़ की नकदी चुराकर फरार चल रहे आरोपितों को सोमवार को पाली जिला प्रमुख पेमाराम सीरवी की मदद से तमिल पुलिस ने भीलवाड़ा और बिलाड़ा से गिरफ्तार किया है। यह आरोपित बीते एक माह से ठिकाने बदलकर पुलिस को छका रहे थे। पुलिस ने संत का वेश धरकर आरोपितों को दबोचा है। चेन्नई के समीप आईनापोरम थाना क्षेत्र में सोने का व्यापार करने वाले जैतारण थाना क्षेत्र के राजादण्ड निवासी गोपाराम सीरवी ने अपने गांव के दीपक गुर्जर को मुनीम के तौर पर काम पर रखा। विश्वासपात्र बनने के दीपक ने इस चोरी का षड्यंत्र रचा। उसने पाली जिले के ही लौटोती गांव निवासी अमृत गुर्जर और चेतन जाट को तमिलनाड्डु बुलाया और तीनों ही सुनियोजित तरीके से 3 सितम्बर को 9 किलो सोना और 2 लाख रुपए कैश बैग में भरकर फरार हो गए।
छका रहे थे आरोपित
आईनापोरम थाना प्रभारी किनंकी ने बताया कि उनकी टीम एक माह से प्रयास कर रही थी, लेकिन आरोपित जगह और पहचान बदलकर उन्हें छका रहे थे। यहां की भाषा की समझ की भी दिक्कत आ रही थी। एेसे में पाली के जिला प्रमुख पेमाराम सीरवी ने पुलिस को मदद की। जिला प्रमुख खुद का तमिलनाडु में ही सोने का व्यापार है। किनंकी के नेतृत्व में पाली पहुंचे सब इंस्पेक्टर राजेश, सुंदर और कुमार की टीम के साथ जिला प्रमुख खुद भीलवाड़ा गए। वहां साधु का वेश बनाकर आरोपित दीपक और अमृत को भीलवाड़ा से पकड़ा है। जबकि चेतन जाट को जोधपुर जिले के बिलाड़ा से दबोचा। इनके कब्जे से तीन किलो सोना बरामद किया गया है। छह किलो सोना और दो लाख कैश को लेकर पूछताछ की जा रही है।
Published on:
11 Oct 2016 10:45 am
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