
पाली शहर के निकट उतवण गांव के तालाब किनारे आयोजित समुद्र मंथन में डोवण करते भाई-बहन व उमड़े ग्रामीण।
Samudra Manthan 2025 : पाली शहर के निकट उतवण गांव में 26 साल बाद समुद्र मंथन की परंपरा पुनः साकार हुई। इसे स्थानीय बोली में "समदडोवण" कहा जाता है। इस आयोजन के लिए न केवल ग्रामीण बल्कि प्रवासी व आस-पास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। गांव के तालाब में भाई-बहन ने मिलकर समद डोवण की रस्म निभाई। इस अवसर पर भाइयों ने अपनी बहनों को चुनरी ओढ़ाई और परंपरा के अनुसार एक-दूसरे के सुख-समृद्धि की कामना की।
आयोजन से पूर्व शोभायात्रा भी निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं सिर पर घड़ा रख तालाब किनारे पहुंचीं। ग्रामीणों का कहना है कि इस आयोजन का धार्मिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से महत्व है। गांव में इससे पहले वर्ष 1999 में समुद्र मंथन हुआ था। लंबे अंतराल के बाद हुए आयोजन को लेकर गांव में खासा उत्साह देखने को मिला।
ग्रामीणों ने बताया कि समद डोवण भाई-बहन के रिश्ते को और मजबूत बनाने वाली परंपरा है। इस मौके पर तालाब किनारे मेले जैसा माहौल रहा। दूर-दराज से आए लोग भी इस परंपरा को देखने के लिए शामिल हुए। आयोजन के साथ पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा वातावरण बन गया और गांववासियों ने परंपरा को जीवंत कर अगली पीढ़ी को सौंपने का संकल्प भी लिया।
Updated on:
4 Sep 2025, 7:31 PM IST
Published on:
4 Sep 2025, 7:31 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.