
पाली शहर के निकट रूपावास-भांवरी रोड पर भगानाड़ा स्थित रामदेव मंदिर के पास तालाब के पीछे झाडि़यों में मिला नवजात।
पाली में गुरुवार सुबह मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई। रूपावास-भांवरी रोड पर भगानाड़ा स्थित रामदेव मंदिर के पास तालाब के पीछे झाड़ियों में ग्रामीणों को एक नवजात मिला। सुबह भैंस चरा रही महिला को बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। उसने अपने परिजनों को इसकी सूचना दी। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए।
लोगों ने नवजात को झाड़ियों से बाहर निकाल मंदिर परिसर लाया और पुलिस को सूचना दी। जेतपुर थाना अधिकारी जब्बरसिंह मय जाब्ता मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। इसके बाद 108 एम्बुलेंस को बुलाकर बच्चे को पाली के बांगड़ अस्पताल भेजा गया। वहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है। मंदिर के महंत मन मोहनदास महाराज ने बताया कि ग्रामीणों की सतर्कता से बच्चे की जान बच सकी। पुलिस ने बताया कि नवजात दो दिन पहले ही पैदा हुआ है। वह जिस ब्लेंककेट में लिपटा हुआ था, वह एक निजी अस्पताल का है। फिलहाल अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
इस घटना ने लोगों की संवेदनाओं को झकझोर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि मासूम को इस हाल में छोड़ना समाज के लिए कलंक है। हालांकि समय रहते मिली मदद से बच्चे की जान बच गई, जिससे सभी ने राहत की सांस ली। पुलिस अब मामले की गहन जांच में जुटी है और नवजात के परिजनों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
Updated on:
25 Sep 2025, 7:33 PM IST
Published on:
25 Sep 2025, 7:33 PM IST
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