
पाली शहर में गुरुवार दोपहर हुई बारिश के दौरान मस्तान बाबा दरगाह मार्ग का लिया गया नजारा।
Monsoon rain in Pali : पाली जिले में उमस से बेहाल लोगों पर इन्द्र देव गुरुवार को करीब एक माह बाद फिर मेहरबान हुए। झमाझम बरसात से सड़कें दरिया में तब्दील हो गई। कई बांधों पर चादर चलने लगी। पश्चिमी राजस्थान के सबसे बड़े जवाई बांध में सुबह से शाम तक करीब आधे फिट पानी की आवक हुई। बांध का गेज 44.45 फिट पर पहुंच गया। बांध में अभी 3708.65 एमसीएफटी पानी है। बरसात के कारण अधिकतम तापमान 6 डिग्री गिरकर 28.4 डिग्री पर पहुंच गया।
सिंचाई विभाग के नियंत्रण कक्ष के अनुसार सुबह 8 से शाम पांच बजे तक जिले में सबसे अधिक बरसात रानी तहसील में 131 एमएम दर्ज की गई। पाली तहसील में 6 एमएम, रोहट में 18, सोजत में 82, सुमेरपुर में 58, देसूरी में 97, बाली में 24 व मारवाड़ जंक्शन में 27 एमएम बरसात हुई। जिले के सबसे बड़े जवाई बांध पर 78 एमएम के साथ सिन्दरू बांध पर 8 व खिंवादीबांकली बांध पर 24 एमएम बरसात हुई। जिले के केसूली व राजपुरा बांध पर चादर चली। सादड़ी बांध पर भी एक बार फिर चादर शुरू हो गई।
पूर्वी राजस्थान व आस-पास के मध्यप्रदेश के ऊपर एक परिसंचरण तंत्र बना रहा। इसके असर से आने वाले एक सप्ताह तक राज्य के अधिकांश भागों में मानसून फिर सक्रिय होने की प्रबल संभावना है। मौसम केन्द्र के अनुसार दक्षिणी व दक्षिण-पूर्वी भागों में कहीं-कहीं भारी, अतिभारी बारिश की गतिविधियां आगामी 3-4 दिन जारी रहने व शेष अधिकांश भागों में मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, बीकानेर संभाग के कुछ भागों में 22 से 29 अगस्त के दौरान बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की प्रबल संभावना है।
पाली जिले में आने वाले दिनों में अति भारी बरसात हो सकती है। मौसम विभाग जयपुर की ओर से 22 अगस्त के लिए जिले में भारी बरसात, मेघ गर्जन व वज्रपात का यलो अलर्ट जारी किया है। इसके बाद 23 को ऑरेंज अलर्ट बताया है। उसके अगले दिन 24 को भी भारी बरसात का यलो अलर्ट है। जबकि 25 अगस्त को मेघ गर्जन व वज्रपात की गतिविधियां हो सकती है।
Published on:
21 Aug 2025 08:21 pm
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