
पाली/पत्रिका. पालीवासी 24 घंटे जलापूर्ति के नाम पर पाइप लाइन बिछाने वाली निजी कम्पनी की गलती के कारण ढाई करोड़ से अधिक राशि के कर्जदार हो गए है। पालीवासियों को लगातार दो से तीन माह तक एक-एक करोड़ रुपए चुकाकर यह कर्ज उतारना होगा। वैसे यह राशि अधिक भी हो सकती है क्योंकि 24 घंटे जलापूर्ति नहीं होने के बावजूद निजी कम्पनी मीटर रीडिंग के आधार पर बिल देगी। जो पहले दो माह के न्यूनतम 193 रुपए से अधिक भी आ सकता है। ढाई करोड़ रुपए के कर्जदार भी पालीवासी पुरानी बिल राशि के आधार पर ही है।
बिल बनाने में बरती कोताही
शहर में 24 घंटे जलापूर्ति की पाइप लाइन बिछाने का कार्य भले अभी तक पूरा नहीं हुआ। उधर, बिल बनाने में भी कम्पनी कोताही बरत रही है। पाली के करीब 50 हजार जल कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं के बिल पांच माह से तैयार नहीं की है। जो अब तैयार हो रहे है। एक साथ पांच माह के बिल राशि अधिक होने पर लोग हंगामा कर सकते हैं। इस कारण जलदाय विभाग व निजी कम्पनी दो-दो माह के बिल ही तैयार कर लगातार जनता को देने की तैयारी कर रहे हैं।
पाली में पानी के बिल पांच माह के बकाया है। अभी दो माह के बिल तैयार किए जा रहे है। जो जल्द ही वितरित करवा दिए जाएंगे। इस बिल में ब्याज राशि नहीं जोड़ी जाएगी।
डूंगाराम नोगिया, सहायक अभियंता, जलदाय विभाग, पाली
सिर्फ नाम 24 घंटे जलापूर्ति का
शहर में 24 घंटे जलापूर्ति के लिए पाइप लाइन बिछाने का कार्य वर्ष 2016 में शुरू हुआ था। जो वर्ष 2018 में पूरा होना था, लेकिन हुआ नहीं। वह आज तक चल रहा है। इस पाइप लाइन से जिन घरों में कनेक्शन दिए, वहां हवा से भी मीटर चलने की कई लोग शिकायत कर चुके है। बावजूद उनके बिल राशि नहीं बदली गई। कई बार बिना मीटर रीडिंग के बिल बनाकर दे दिए थे। जो अधिक राशि के थे। उन लोगों को फिर बिल राशि कम कराने के लिए कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते है।
Updated on:
14 Jul 2023 01:06 pm
Published on:
14 Jul 2023 01:02 pm
बड़ी खबरें
View Allपाली
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
