
पाली में ब्लैक फंगस से पहली मौत, सात दिन पहले जोधपुर किया था रैफर
पाली। कोरोना दूसरी लहर के साथ ही जानलेवा बना ब्लैक फंगस भी मरीजों को जकडऩे लगा है। पाली में अभी तक ब्लैक फंगस के 11 मरीज आ चुके हैं। इनमें से एक 46 साल की महिला की गुरुवार को जोधपुर के एमबीएम चिकित्सालय में उपचार के दौरान मौत हो गई। जबकि 61 साल के पुरुष की एम्स में दपचार की दौरान मौत हो गई। दोनों का ही ऑपरेशन किया जा चुका था।
पाली की महिला को बांगड़ में भर्ती कराने के बाद जैसे ही उसमें ब्लैक फंगस के लक्षण दिखाई दिए। उसे जोधपुर रैफर किया गया। वहां विधायक ज्ञानचंद पारख की ओर से महिला का उपचार शुरू हुआ और बांयी आंख व जबड़ा ऑपरेशन कर निकाला गया। इसके बावजूद महिला जिंदगी की जंग हार गई। पाली के व्यक्ति को भी उसके परिजन एम्स ले गए थे। जहां वह बीमारी से हार गया। चिकित्सकों के अनुसार फंगस का असर मस्तिष्क व रक्त में होने के बाद मरीज को बचाना मुश्किल हो जाता है।
नमी में तेजी से आती फंगस
चिकित्सकों के अनुसार ब्लैक फंगस नमी वाली जगह पर तेजी से फैलता है। इम्यूनिटी कमजोर, मधुमेह रोगी या स्टेरॉयड आदि की दवा लेने वाले इससे जल्दी प्रभावित होते है। एक कारण यह भी है कि कोरोना में ऑक्सीजन के मास्क लगाने पर उसमें नमी आ जाती है और फंगस बनती है। जो नाक आदि के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर जाती है। अभी रोजाना लगाए जाने वाले मास्क में भी नमी आती है, ऐसे में उनको सुखाना, धोना बेहद जरूरी है।
मास्क को बदलते रहना चाहिए
मास्क को बदलते रहना चाहिए। मास्क को रोजाना साफ करना चाहिए। ब्लैक फंगस किसी को भी हो सकता है, लेकिन यह इम्यूनिटी कमजोर व मधुमेह आदि के रोगियों को अधिक होता है। इसलिए सावधानी जरूरी है। -डॉ. गौरव कटारिया, विभागाध्यक्ष, इएनटी, मेडिकल कॉलेज, पाली
Updated on:
28 May 2021 10:19 am
Published on:
27 May 2021 08:34 pm
बड़ी खबरें
View Allपाली
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
