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राहत के कदम : कुड़ी-रोहट पाइप लाइन : टेंडर प्रक्रिया पूरी, कार्यादेश मिलते ही शुरू होगा कार्य

-कुड़ी से रोहट के लिए 85 लाख रुपए में हुआ टेंडर 97 करोड़ रुपए का बनाया गया था प्रस्ताव
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पाली

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Suresh Hemnani

Sep 24, 2021

राहत के कदम : कुड़ी-रोहट पाइप लाइन : टेंडर प्रक्रिया पूरी, कार्यादेश मिलते ही शुरू होगा कार्य

राहत के कदम : कुड़ी-रोहट पाइप लाइन : टेंडर प्रक्रिया पूरी, कार्यादेश मिलते ही शुरू होगा कार्य

पाली। जवाई बांध में पेयजल का स्तर कम होने पर खड़े हुए जल संकट का सामना करने के लिए कुड़ी से रोहट तक पाइप लाइन की मरम्मत करने व नए पाइप लगाने के लिए योजना बनाई गई थी। उसमें अब एक कदम और बढ़ाया गया है। योजना के लिए 94 लाख की स्वीकृति के बाद गुरुवार को इसके लिए टेंडर कर दिए गए। टेंडर करीब 85 लाख रुपए में हुए है। इसके कार्यादेश की स्वीकृति पांच से सात दिन में मिलने की उम्मीद है। उसके बाद पाइप लाइन का कार्य शुरू किया जाएगा। इस कार्य को पूरा होने में करीब 2 माह का समय लगेगा। वह आते ही पाइप लाइन का कार्य शुरू होगा।

रोहट में पहुंचेगा करीब 10 एमएलडी पानी
रोहट के चौराई क्षेत्र में सबसे अधिक पेयजल संकट रहता है। वहां गर्मी में जल संकट आते ही टैंकरों से जलापूर्ति की योजना बनाई गई थी। अब कुड़ी से रोहट तक पाइप लाइन बिछने पर टैंकरों से पानी लाने की जरूरत नहीं रहेगी। इस योजना के लिए जोधपुर के दांतावाड़ा में जलदाय विभाग के पास स्पेयर पड़े पाइपों का उपयोग किया जाएगा। जो 500 एमएम के है। इस पाइप लाइन से रोहट तक करीब 10 एमएलडी पानी पहुंचेगा।

वर्ष 2016 में पाइप लाइन ठीक करने का किया था प्रयास
कुड़ी से रोहट के बीच काफी साल पहले पाइप लाइन बिछाई गई थी। इसके बाद उससे पाली तक भी पानी लाया गया था, लेकिन बाद में जवाई में पानी पर्याप्त होने पर इस लाइन को भुला दिया गया। जिसकी याद वर्ष 2016 में एक बार फिर आई थी। जब जल संकट गहरा गया था। वाटर ट्रेन जोधपुर के रेलवे स्टेशन पर पहुंच गई थी। उस समय पाइप लाइन ठीक करने के प्रयास पाइप अधिक खराब होने के कारण पूरे नहीं हो सके थे। इस बार जलदाय विभाग सभी खराब पाइप हटाकर नाए पाइप लगाएगा।

आकलन के बाद करेंगे आगे की कार्रवाई
अभी बरसात की आस है। बरसात का मौसम बना हुआ है। ऐसे में उम्मीद है कि जवाई बांध में कम से कम पीने योग्य पानी आ जाए। जिससे वाटर ट्रेन आदि की जरूरत ही नहीं पड़े। कुड़ी से जोधपुर के बीच पाइप लाइन के टैंकर करवाए है। जल को आगे की रणनीति सितम्बर के बाद जवाई का आकलन कर बनाएंगे। -नीरज माथुर, चीफ इंजीनियर, जलदाय विभाग, जोधपुर

पानी लेने के बावजूद बढ़ रहा जवाई का जल स्तर
जवाई बांध में अभी 1033 एमसीएफटी पानी
पाली। पेयजल संकट का सामना कर रहे पाली जिले के लिए सितम्बर में हुई बरसात कुछ राहत लेकर आई है। अब कम से कम इस साल (31 दिसम्बर तक) तो 96 घंटों के अंतराल से जवाई के लाइव स्टोरेज से जलापूर्ति की जा सकेगी। अभी खास बात यह है कि जवाई बांध से 5.5 एमसीएफटी पानी रोजाना पेयजल के लिए लेने के बावजूद जवाई के जल स्तर में कमी के बजाय बढ़ोतरी हो रही है। जो जनवरी 2022 व उसके आगे के लिए लाभदायक रहेगी।

अब यह है पेयजल आपूर्ति का गणित
जवाई बांध में गुरुवार सुबह 16.30 फीट भराव क्षमता के साथ 1033 एमसीएफटी पानी था। इसमें से 600 एमसीएफटी पानी डेड स्टोरेज का पानी निकालने पर 433 एमसीएफटी पानी रहता है। जवाई के सहायक सेई बांध में 2.80 मीटर भराव क्षमता के साथ 437 एमसीएफटी पानी है। इसमें 253 एमसीएफटी डेड स्टोरेज है। वह निकालने के बाद 184 एमसीएफटी पानी शेष रहता है। इसमें से जवाई में करीब 90 एमसीएफटी पानी डायवर्ट किया जा सकेगा। इस तरह जवाई के लाइव स्टोरेज में 523 एमसीएफटी पानी रहेगा। जिले के रोजाना 5.5 या 5.4 एमसीएफटी पानी लेने पर यह पानी करीब 96 दिन के लिए पर्याप्त है। आज के हिसाब से देखे तो दिसम्बर तक 99 दिन होते है। इस तरह यह पानी दिसम्बर तक जिले में जल संकट को टाले रखेगा।

इस माह पानी कम नहीं होने पर अधिक लाभ
जवाई बांध में छितराई बरसात से पानी की आवक हुई थी। जवाई में अभी सेई से पानी डायवर्ट हो रहा है। बांध का गेज 5.5 एमसीएफटी पानी की रोजाना निकासी के बावजूद बढ़ रहा है। यह पूरा माह ऐसा ही रहा तो जनवरी के कम से कम पहले ह$फ्ते या पखवाड़े में भी वाटर ट्रेन बुलाने की जरूरत नहीं रहेगी। वैसे दिसम्बर अंत तक तो अब ट्रेन नहीं चलानी होगी। -जगदीशप्रसाद शर्मा, अधीक्षण अभियंता, जलदाय विभाग, पाली