1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने टीम गठित, जानिए कैसे होगी कार्रवाई

अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने टीम गठित, जानिए कैसे होगी कार्रवाई

2 min read
Google source verification
akshay tritya festival in panna

akshay tritya festival in panna

पन्ना। महिला सशक्तिकरण अधिकारी महिला एवं बाल विकास ने बताया है कि प्रदेश में बाल विवाह की रोकथाम के लिए बाल विवाह अधिनियम 2006 बनाया गया है। इस अधिनियम के तहत 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की तथा 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के का विवाह कानूनन अपराध है। उन्होंने बताया कि 7 मई को अक्षय तृतीया के दिन सामूहिक विवाह होते हैं जिसमें अधिकतर बाल विवाह होने की संभावना होती है।

जिले में बाल विवाह रोकने के लिए कलेक्टर द्वारा सभी विकासखण्ड स्तर पर टीम गठित की गई है। उन्होंने बताया कि विकासखण्ड स्तर पर मंजू जैन परियोजना अधिकारी पन्ना ग्रामीण (9993339960), शीला परिहार परियोजना अधिकारी अजयगढ़ (9425435177), कीर्ति प्रभा चंदेल परियोजना अधिकारी गुनौर (9753545200), दुर्गाचरण अहिरवार परियोजना अधिकारी पवई (9893914331), शैखून कुरैली परियोजना अधिकारी शाहनगर (9406916914) एवं किरण खरे प्र.परियोजना अधिकारी पन्ना नवीन (9424942422) अक्षय तृतीया पर होने वाले सामूहिक विवाहों पर निगरानी रखेंगी। जिले में स्थापित कन्ट्रोल रूम के फोन नम्बर 07732-250579 या नि:शुल्क नम्बर 1098 (चाइल्ड लाइन) डायल 100 पर भी सूचना देकर बाल विवाह रोकने में सहयोग प्रदान करें।

होंगे गुड्डे-गुडिय़ों के विवाह, मार्केट में बढ़ी चहल-पहल

अक्षय तृतीया पर्व 7 मई को मनाया जाएगा। इस पर्व पर बुंदेलखंड में बच्चों द्वारा गुड्डे-गुडियों के विवाह रचाने की परंपरा है। इसी के चलते यहां प्रति रविवार को लगने वाले साप्ताहिक बाजार में गुड्डे-गुडिय़ों की बिक्री की जा रही थी। गुड्डे-गुडिय़ों की कीमत उनके साइज के हिसाब से 20 से 80 रुपए तक थी। साप्ताहिक बाजार में बड़ी संख्या में बालिकाओं ने उनकी खरीदारी भी की।

अक्षय तृतीया को ही भगवान परशुराम का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इसको लेकर ब्राह्मण समाज की पूर्व में बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। दोपहर में जन्मोत्सव का आयोजन होगा और शाम को नगर में गाज-बाज के साथ भगवान की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी।

गौरतलब है कि अक्षय तृतीया अबूझ मूहूर्त माना जाता है। यह दिन इतना शुभ माना जाता है कि शुभ काम के लिये किसी मुहूर्त को देखने की भी जरूरत नहीं होती है। यही कारण है कि इस दिन बड़ी संख्या में विवाह कार्यक्रम होते हैं। इसके चलते विवाह के कई दिन पूर्व से मार्केट में चहल-पहल बढ़ जाती है। इस चाल अभी चुनाव के कारण वाहन नहीं मिलने से मार्केट प्रभावित है। इस साल भी अक्षय तृतीया पर जिलेभर में सैकड़ों की संख्या में विवाह कार्यक्रम होना है। जिनकी तैयारियां चल रही हैं।