
खुशखबरी: पर्यटकों के लिए किसी भी वक्त खुल सकते हैं मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व के दरवाजे
पन्ना. पन्ना टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए 16 अक्टूबर से खोला जारहा है। प्रबंधन इसकी तैयारियों में जुटा हुआ था, इसी बीच पार्क से बड़ी खबर आ गई। पन्ना टाइगर रिजर्व के मैदानी अमले ने दो बाघिनों को उनके शावकों के साथ देखा। यह खबर सुनकर पूरा पार्क अमला खुशी से झूम उठा। टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर केएस भदौरिया ने बताया कि पन्ना टाइगर रिजर्व की बाघिन १४२ को एक शावक के साथ देखा गया है। इसी प्रकार मैदानी अमले ने बाघिन 151 को भी एक शावक के साथ देखा। इन दो नन्हें मेहमानों के आने की खुशी पूरे पार्क प्रबंधन पर साफ तौर पर दिखाई दे रही है। उन्होंने बताया, संभव है कि बाघिनों ने कुछ और भी शावक जन्मे हों, जिन्हें अभी तक देखा नहीं गया है। दोनों शावकों के साथ पन्ना टाइगर रिजर्व में 37 वयस्क बाघों सहित कुल बाघों की संख्या 54 हो गई है। यह संख्या पन्ना टाइगर रिजर्व के इतिहास में सर्वाधित है। पन्ना टाइगर रिजर्व के कुल बाघों में से ९ को ही रेडियो कॉलर लगाया गया है।
टाइगर रिजर्व शहर में खोलेगा टिकट विंडो
पन्ना टाइगर रिजर्व इसी साल से नगर के डायमंड चौक पर टाइगर रिजर्व के प्रवेश द्वार का टिकट काउंटर खोलने जा रहा है। फील्ड डायरेक्टर भदौरिया ने बताया, नगर के लोगों के सुविधा के लिए डायमंड पार्क में पार्क की टिकट खिड़की बनाई जाएगी। इससे शहर के लोगों को भी फायदा होगा। जहां से ऑफ लाइन टिकट मिलने के साथ ही ऑन लाइन बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
एक दिन में अधिकतम 105 वाहनों से पर्यटन
पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर जोन के 20 फीसदी में टूरिज्म की अनुमति है। इसमें पर्यटकों को 40 से 50 किमी. का कोर क्षेत्र घुमाया जाता है। पन्ना टाइगर रिजर्व में कोर जोन में एक दिन में अधिकतम 85 वाहनों से पर्यटकों को घुमान की अनुमति है। इनमें से 60 वाहन मड़ला गेट से और २५ वाहनों को हिनौता गेट से अनुमति प्राप्त है। इस प्रकार से कोर जोन में ८५ वाहनों के अलावा हरसा बफर जोन में २० वाहनों की अनुमति है।
नाइट सफारी में पर्यटकों को दिखे दो बाघ
पन्ना टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर भदौरिया ने बताया, अकोला बफर जोन में इसी साल 30 जनवरी से पर्यटन की शुुरुआत की गई थी। इस साल कुछ महीने पूर्व ही यहां एक बाघिन ने शावकों को जन्मा था। इस फैमली ने अकोला क्षेत्र में ही अपना रहवास बना लिया था। कुछ महीने पूर्वत क जहां अकोला क्षेत्र में इतना बिरल जंगल था कि दूर-दूर तक दिखाई देता था वहीं अब यह इतना सघन हो चुका है कि बाघ फैमली ने इसे अपने टेरेटरी (आवास) के लिए चुना है। उन्होंने बताया, रविवार की शाम को एक टूरिस्ट फैमली अकोला बफर में नाइट सफारी के लिए गई हुई थी। वहां उन्हें दो बाघ दिखाई दिए। यह वही बाघिन है जिसने कुछ महीनों पूर्व क्षेत्र में शावकों को जन्मा था।
Updated on:
15 Oct 2019 06:53 pm
Published on:
15 Oct 2019 06:49 pm
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