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सीएबी के समर्थन में भाजपा का प्रदर्शन, राज्य सरकार की मंशा पर उठाए सवाल

कलेक्ट्रेट का घेराव कर भाजपा नेताओं ने घेरा

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BJP protest in support of CAB

BJP protest in support of CAB

पन्ना. भाजपा ने विरोध प्रदर्शन कर कलेक्टेट का घेराव किया। जिलाध्यक्ष रामबिहारी चौरसिया के नेतृत्व मेें पदाधिकारी पहले चंद्रशेखर पार्क के बाहर एकत्रित हुए। यहां हुई नजसभा में जिलाध्यक्ष चौरसिया ने कहा कि नागरिकता संशोधन बिल (सीएमबी) को लोकसभा में बहुमत से पारित होने के बाद भी प्रदेश की कांग्रेस सरकार इसे लागू नहीं होने दे रही है। हम सब भाजपा के कार्यकर्ता कांग्रेस के इस निर्णय का विरोध करते है। इस दौरान उन्होंने नारेबाजी भी की।

कार्यक्रम को पूर्व जिलाध्यक्ष जय प्रकाश चतुर्वेदी, पूर्व जिला कार्यालय मंत्री दुर्गेश शिवहरे, उमेश शर्मा, श्रीकान्त त्रिपाठी, बीरू चतुर्वेदी, निजाम खान, अंकित रैकवार और ललित तिवारी ने संबोधित किया। भाजपा द्वारा कलेक्टेट भवन का घेराव किया गया व राज्पाल के नाम ज्ञापन सौपा गया। कार्यक्रम में पूर्वजिलाध्यक्ष सतानंद गौतम, सुधीर अग्रवाल, राजेश वर्मा, महेंद्र बगरी, विनोद तिवारी, सुशील त्रिपाठी, बृजेन्द्र गर्ग, बृजेन्द्र मिश्रा, माधवेन्द्र सिंह, रामअवतार पाठक , रूप नागयच ,विवेक मिश्रा स्नेेहलता परासर, अमिता बागरी, उषा सोनी, उर्मिला कुशवाहा, संगीत राय सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

सतना में सांसद के नेतृत्व में घेराव

सतना में सांसद गणेश सिंह के नेतृत्व में भाजपा ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया। राज्यपाल के नाम कलेक्टर सतेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा गया। इस अवसर पर सांसद गणेश सिंह ने कहा कि भारत की संसद ने नागरिकता संशोधन बिल 2019 पारित किया है। इस बिल को राष्ट्रपति ने भी मंजूरी दे दी है। अब यह कानून का स्वरूप लेकर भारत में रह रहे उन शरणार्थियों को नागरिकता का मार्ग प्रशस्त करता है जो पाकिस्तान, बंगलादेश और अफगानिस्तान में धर्म के आधार पर उत्पीडि़त होकर भारत में बतौर शरणार्थी रह रहे हैं। इन शरणार्थियों की पाकिस्तान, बंग्लादेश और अफगानिस्तान में जायदाद पर कब्जा कर लिया गया है। घर के प्रमुख लोगों की हत्या कर दी गई। बड़े पैमाने पर बेटियों का अपहरण और बलात्कार की घटनाएं घटी हैं। उनके धर्म परिवर्तन कराये गए। ऐसे पीडि़त हिन्दू, सिख, इसाई, जैन आदि समुदाय के लोग अपनी जान और सम्मान बचाने के लिए भारत में शरण ले रखी है। पिछले कई वर्षों से इन्हें भारतीय नागरिकता देने की मांग हो रही थी, लेकिन कांग्रेस पार्टी ने तुष्टिकरण के चलते इन्हें नागरिकता देने में रोड़ा अटकाए रखा।