
one of the major reasons for not getting electricity bill on time
पन्ना। प्रदेश में असंगठित मजदूरों के लिए राज्य शासन द्वारा जारी की गई सरल व समाधान योजना में एक के बाद एक नए झोल सामने आ रहे हैं। उपभोक्ताओं को कनेक्शन न देने और हजारों के बिजली बिल थमाने का मामला सामने आने के बाद बिजली कंपनी का एक नया फर्जीवाड़ा सामने आया है।
जिलेभर के ग्रामीण डिवीजन के कई उपकेंद्र के उपभोक्ताओं को कंपनी बीते कई माह से उस मीटर का बिजली बिल थमा रही है, जिसका अभी तक कनेक्शन भी नहीं जोड़ा गया है। इतना ही नहीं इस बात की शिकायत लेकर उपभोक्ता जब कंपनी के अफसरों के पास पहुंचे तो उन्होंने यह कहकर शिकायतकर्ताओं को चलता कर दिया कि यह ऑनलाइन कनेक्शन हुए हैं, इसमें वे कुछ नहीं कर सकते हैं।
दिखा रहे खपत
बिजली कंपनी गरीब उपभोक्ताओं पर दोहरा बोझ तो डाल रही है। इसके अलावा इनको दिए जा रहे बंद मीटर के बिजली बिलों पर बकायदा ५० यूनिट की एक माह की खपत भी दर्शाई जा रही है।
हैरत की बात तो यह है कि जब मीटर में कनेक्शन जोड़ा ही नहीं गया है तो ५० यूनिट की खपत किस आधार पर बताकर बिजली बिल थमाए जा रहे हैं। हालांकि कंपनी के कुछ जिम्मेदारों का कहना है कि योजना में एेसा कोई प्रावधान नहीं है कि बिना कनेक्शन जोड़े बिजली बिल जारी कर दिए जाएं। यदि ऐसे मामले सामने आ रहे हैं तो संबंधित अधिकारी से कहकर तुरंत कनेक्शन जुड़वाए जाएंगे।
परिवार के कनेक्शन से जला रहे बिजली
एक गांव के गजेंद्र सिंह पिता राम बदन सिंह पटेल ने बताया कि उनके मोहल्ले के घनश्याम पटल, रामजी, बब्बू के अलावा करीब एक दर्जन घरों में सरल योजना के तहत बिजली मीटर तो लगा दिए गए हैं, लेकिन अभी तक कनेक्शन नहीं जोड़े गए हैं। वे व अन्य मोहल्ले वाले अपने परिजनों के नाम के पुराने कनेक्शन से ही अब तक बिजली का उपयोग कर रहे हैं।
इसके बाद भी उन्हें 215 और 220 रुपए के बिजली बिल थमाए जा रहे हैं। इतना ही नहीं गजेंद्र ने बताया कि पिता के नाम से लगे मीटर का बिजली बिल रीडिंग के अनुसार ही जारी किया जा रहा है। एेसे में हमारे ऊपर दोहरा बोझ डाला जा रहा है।
Published on:
09 Oct 2018 01:44 am
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