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गजब है! भले-चंगे व्यक्ति को कागजों में बना दिया दिव्यांग, स्मार्ट कार्ड भी भेज दिया घर

disabled on paper: मध्य प्रदेश में मेडिकल बोर्ड ने एक अजीब कारनामा किया है। बोर्ड ने एक ऐसे शख्स को कागज पर दिव्यांग दिखा दिया जो पूरी तरह से फिट था। इतना ही नहीं, उन्होंने व्यक्ति का विकलांगता कार्ड भी भेज दिया है, जिसके बाद वह परेशान है।

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पन्ना

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Akash Dewani

Apr 24, 2025

healthy person was made disabled on paper and delivered disability smart card in panna mp

disabled on paper: मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से एक हैरतअंगेज मामला सामने आया है। जिला मेडिकल बोर्ड ने अजब गजब कारनामा कर दिखाया है। एक स्वस्थ्य व्यक्ति को सरकारी रेकॉर्ड में 65% दिव्यांग बना दिया। स्मार्ट कार्ड जनरेट कर डाक से उसके घर भी भेज दिया। मानसिक-शरीरिक रूप से पूरी तरह से स्वस्थ व्यक्ति का जब दिव्यांगता स्मार्ट कार्ड घर पहुंचा तो परिजन भी चकरा गए। दौड़-भागे पता लगाने गांव से पन्ना पहुंचे और कार्ड को निरस्त कराने की मांग की।

पूरी तरह स्वस्थ है व्यक्ति

राम सिंह पिता देवेंद्र सिंह निवासी ग्राम दुरौहां तहसील अमानगंज ने बताया कि मेरा छोटा भाई राजेश सिंह मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ है। वह हमारे साथ गांव में ही रहता है। घर और कृषि का कामकाज वही देखता है। बीते दिनों उसका 65 फीसदी दिव्यांगता का स्मार्ड कार्ड घर भेज दिया गया।

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न निवेदन, न निवेदन, फिर भी आ गया कार्ड

राम सिंह ने बताया कि भाई राजेश सिंह ने दिव्यांगता प्रमाण-पत्र के लिए न आवेदन किया और न किसी से निवेदन। ऐसे में भाई के ही नाम दिव्यांगता का स्मार्ट कार्ड कैसे जनरेट हो गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि राजेश सिंह के नाम पर पुश्तैनी 25 एकड़ जमीन है। जमीन में गड़बड़ी करने के लिए उसके नाम का दिव्यांगता कार्ड जारी करवाया गया है। परिजनों ने दिव्यांगता का स्मार्ट कार्ड कैंसिल कराने की मांग की है।

डॉक्टर का बयान

सिविल सर्जन डॉ आलोक गुप्ताने ने बताया कि 'मेरे डिजिटल साइन सामाजिक कल्याण विभाग के पास भी हैं। स्मार्ट कार्ड हो सकता है सामाजिक कल्याण विभाग द्वारा जारी किया गया हो। गलत कार्ड जारी किया गया होगा तो उसे निरस्त करेंगे। यह भी सुनिश्चित करेंगे कि दोबारा ऐसी गड़बड़ी न होने पाए।'