पन्ना. जिले में दो दिनों से खराब मौसम से हुई ओलावृष्टि और बारिश ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया। जिले के सिंहपुर, सिमरिया और पहाड़ीखेड़ा क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि से जहां किसानों ने भारी नुकसान की बात कही है वहीं अधिकारियों ने अभी अधिक नुकसान की स्थिति नहीं होने की बात कही है। ओलावृष्टि और बारिश के कारण कई स्थानों पर खेतों में कटाई के लिए तैयार खड़ी फसलें गिर गईं। मौसम और कृषि विभाग की ओर से आगामी दो-तीन दिनों तक इसी प्रकार आसमान में बादलों के छाये रहने और बूंदाबांदी की आशंका जताई गई है।
जिले के आधे से भी अधिक हिस्से में शुक्रवार की शाम को ही बारिश हो गई थी। शेष बचे क्षेत्र में रात को झमाझम बारिश हो गई। इस दौरान पहाड़ीखेड़ा,ािसमरिया और सिंहपुर क्षेत्र के कई गांवों में चने से भी बड़े आकार के गोले गिरे। जिससे किसानों की फसलें खेतों में ही पड़ गईं। जिला मुख्यालय सहित कई क्षेत्रों में दिनभर बूंदाबांदी और बारिश का दौर भी चलता रहा। बारिश के कारण मौसम में भी बदलाव आया औरनमी बढऩे से ठंड फिर लौट आई। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने आगामी एक-दो दिनों में इसी प्रकार मौसम के रहने का अनुमान बताया है। बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित रहा। लोग घरों से बाहर कम निकले। जिला मुख्यालय में कलेक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठी महिलाओं को खासी परेशानी का समाना करना पड़ा। कई महिलाएं भींग भी गईं।
आगामी दो तीन दिन मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है। बूंदाबांदी और हलकी बारिश हो सकती है। जो फसल गीली हो गई है उसको किसान सुखा लें जिससे दाने काले नहीं पड़ें।
डॉ. पीएन त्रिपाठी, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र पन्ना
जिले में अभी अधिक नुकसान की सूचना नहीं है। नुकसान का प्राथमिक आंकलन पटवारियों की टीम को मौके पर भेजकर लगवाया गया है। आगामी दो-तीन दिन इसी प्रकार मौसम रह सकता है। सर्वे के संबंध में अभी तक किसी प्रकार के आदेश नहीं मिले हैं।
जीएल अहिरवार, सहायक संचालक कृषि