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MP में ‘हम छू-लेंगे आसमां’ योजना लांच, अब होनहारों को बुलंदी देने होगी विशेष करियर काउंसलिंग

हायर सेकंडरी परीक्षा में 70 फीसदी से अधिक अंक पाने वाले छात्र-छात्राओं को 21 से विशेष प्रशिक्षण
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Hum Choo Lenge Aasman Scheme in Madhya Pradesh for 12th Pass Students

Hum Choo Lenge Aasman Scheme in Madhya Pradesh for 12th Pass Students

पन्ना। कक्षा 12वीं में 70 फीसदी या इससे अधिक अंक पाने वाले छात्र-छात्राओं को कॅरियर व अकादमिक विकल्पों के बारे में विशेषज्ञों द्वारा 21 से 30 मई तक विशेष काउंसलिंग दी जाएगी, जिससे छात्र भविष्य के लिए बेहतर राह चुन सकें और जिम्मेदार नागरिक बनकर समाज व देश के विकास में महत्वपूर्ण भागीदारी निभाग सकें। कॅरियर व अकादमिक विकल्पों के बारे में जानकारी देने के लिए 'हम छू-लेंगे आसमां' योजना लांच की गई है। इसके पहले चरण में होनहार छात्र-छात्राओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। शासन की ओर से इस संबंध में जिला प्रशासन और तकनीकी शिक्षा, स्कूल शिक्षा, रोजगार और उच्च शिक्षा से संबंधित विभागों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

गौरतलब है कि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में पढऩे वाले अधिकांश छात्र-छात्राएं परीक्षा में अच्छे अंक लाते हैं, लेकिन आगे के लिए उन्हें समुचित सुझाव व परामर्श देने वाले लोगों की कमी बनी रहती है। इससे उन्हें कॅरियर और अकादमिक अवसरों की जानकारी नहीं होती है। जिले में उच्च व स्कूल स्तर पर तकनीकी शिक्षा का अभाव बना है। जिले में कॅरियर के लिए विशेष अवसर भी उपलब्ध नहीं हैं।

फेल लोगों को भी योजना में स्थान
योजना के आगामी चरणों में कक्षा 12वीं और 11वीं फेल हो चुके छात्र-छात्राओं को भी इसमें शामिल किया जाएगा। इसके तहत भविष्य में उनके लिए उपलब्ध अवसरों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी जाएगी। जिससे वे परीक्षा में असफल होने के बाद भी जीवन के संघर्ष में सफलता हासिल कर सकें। पूरी योजना के क्रियान्वयन के लिए गठित समिति में कलेक्टर अध्यक्ष और डीइओ नोडल अधिकारी रहेंगे। समिति के गठन का उद्देश्य योजना का बेहतर ढंग से क्रियान्वयन करना है।

मेधावी छात्रों को विक्रमादित्य शिक्षा योजना
गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले सामान्य निर्धन वर्ग के विद्यार्थियों को स्नातक स्तर पर उच्च शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से विक्रमादित्य नि:शुल्क शिक्षा योजना लाई गई है। इस योजना के अंतर्गत निर्धन वर्ग के ऐसे छात्रों को स्नातक की उच्च शिक्षा प्रदान की जाएगी, जिन्होंने 12वीं बोर्ड में 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हों। अभिभावकों की वार्षिक आय 54000 रुपए से कम हो।