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चिकित्सक नहीं मिले तो परिजनों ने अस्पताल में शुरू कराई झाड़-फूंक

ककरहटी अस्पताल: डॉक्टर ने किया रेफर

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If the doctor is not found, then he starts the hospital

If the doctor is not found, then he starts the hospital

पन्ना. चिकित्सकों के लगातार हो रहे तबादलों के बादप जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण इलाकों के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं बेपटरी हो गई हैं। मामला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ककरहटी का है। यहां पर बीती रात एक युवती की अचानक तबीयत खराब हो जाने से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। लेकिन डॉक्टर मौजूद नहीं थे। अस्पताल में उपलब्ध एकलौती एनएम ने भी हाथ खड़े कर दिए। लिहाजा, युवती को उपचार नहीं मिल सका। इसके बाद ग्रामीणों व परिजनों ने झाडफ़ूंक के लिए नीमहकीम को बुला लिया। लिहाजा, अस्पताल में झाडफ़ूंक चलती रही। इस बात की जानकारी जब चिकित्सक को दी गई तो उन्होंने मौके पर पहुंचे और युवती जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
जानकारी के अनुसार, जिले में लगभग 13 लाख से ज्यादा आबादी है। लोगों स्वास्थ्य के लिए मात्र एक ही सहारा जिला चिकित्सालय है। ग्रामीण क्षेत्र व कस्बों प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य जरूर हंैं। लेकिन स्टाफ की कमी से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़़ता है। प्राथमिक स्वाथ्य केंद्र ककरहटी में बीती 4 व 5 फरवरी की रात लगभग 8 बजे ककरहटी नालापार निवासी पूजा चौधरी के सीने में अचानक असहनीय दर्द उठा। लिहाजा, परिजन उसे लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ककरहटी पहुंचे। यहां डॉक्टर नहीं थे। फिर उन्होंने भर्ती कर दिया। लगभग एक घंटे इंतजार भी किया। लेकिन जब देखा कि पीडि़ता की तबीयत बिगड़ती जा रही है और अस्पताल में कोई डॉक्टर व कर्मचारी भी नहीं आ रहा तो उन्होंने मजबूर होकर नीम हकीम को बुला लाए। हालांकि जब उससे भी राहत नहीं मिली तो जिला चिकित्सालय लेकर पहुंच गए। वहां इलाज जारी है।

आधा दर्जन से ज्यादा स्टाफ नदारद
ककड़ाटी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में वैसे तो लगभग आधा दर्जन से ज्यादा स्टाफ है । लेकिन अस्पताल सिर्फ एक एनएम के भरोसे चल रहा है । अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर दिलीप साहू ने बताया कि क्षेत्र के लोगो समुचित स्वास्थ्य व्यवस्थाएं देने के प्रयास हमारी तरफ से किया जाता है । लेकिन शासकीय काम भी साथ मे करना होता है इसलिए इधर उधर जाना पड़ता है। वही नाईट डयूटी में एक एनएम हमेशा अस्पताल में उपलब्ध रहती है।


&मंगलवार की रात एक युवती को भर्ती कराया गया था, लेकिन उसकी हालत नाजुक लगी तो जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था। अस्पताल में झाडफ़ूंक कराने संबंधी जानकारी मुझे नहीं है। परिजन ही बता पाएंगे।
दिलीप साहू, ड्यूटी डॉक्टर ककरहटी