
Leopard was hunted by chapping, evidence found on the spot
पन्ना/अजयगढ़. जिले के कुडऱा बीट में तेंदुए का शिकार चाप लगाकर किया गया था। वन अमले को मौके से तीन स्थानों पर चाप लगाने के साक्ष्य मिले हैं। इसी आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया है। तीन संदिग्धों की तलाश तेज कर दी गई है। जो तलाशी के दौरान घर पर नहीं मिले। वन अमले ने पोस्टमार्टम कराने के बाद अंतिम संस्कार कर दिया है। हालांकि वन अफसरों का कहना है कि डीएनए रिपोर्ट आने के बाद जानवर की सही पहचान हो सकेगी।
वन विभाग जांच में जुटा
जानकारी के अनुसार वन विभाग के उत्तर वन मंडल अंतर्गत धरमपुर रेंज के कुडऱा बीट में तेंदुए का कंकाल पड़ा मिला था। लकडिय़ां एकत्रित करने वालों ने तेज गंध के चलते पास जाकर देखा तो तेंदुआ का शव होने की जानकारी वन विभाग को दी। इस पर वन अमला सकते में आ गया। आनन-फानन में वनकर्मी मौके पर पहुंचे और तेंदुए के कंकाल को कब्जे में लिया। घटनास्थल के मुआयना से अनुमान लगाया जा रहा है कि चाप लगाकर तेंदुए का शिकार किया गया था। खोजी कुत्तों को इलाके में शिकारियों की आवाजाही के निशान मिले हैं।
तेंदुए के कई अंग गायब
डीएफओ मीना मिश्रा ने प्रारंभिक जांच में तेंदुए का शिकार किए जाने की बात स्वीकार की है। उन्होंने बताया कि कुछ अंग भी नहीं मिले हैं। शव देखने के बाद पता चला कि शिकारियों ने घटना स्थल पर तीन खूटियों में तार के सहारे चाप (वन्य प्राणियों के पंजों को फंसाने वाला लोहे का औजार) बांध रखे थे। जिनमें पैर फंसने के कारण तेंदुए की मौत हो गई और वन विभाग के मैदानी अमले को इसकी भनक तक नहीं लगी। आशंका है कि तेंदुए के चाप में फंसने के बाद पीट पीटकर शिकारियों ने उसे मार डाला। इसके बाद शिकारी उसके चारो पंजे काटकर ले गए और उसके शरीर की खाल भी उतार ली थी। शिकार के मामले में एक से अधिक लोगों के शामिल होने की आशंका है। बताया गया कि तेंदुए के नाखूनों से कई प्रकार की दवाएं बनाई जाती हैं। तेंदुए के नाखून और खाल काफी महंगे बिकते हैं। इसी कारण से इनका शिकार किया जाता है।
तीन घरों में पहुंचा खोजी कुत्ता
वन विभाग का खोजी कुत्ता जांच के दौरान नत्थू कुशवाहा, दिल्ली कुशवाहा और बौना कुशवाहा तीनों निवासी दिविया धरमपुर केघर में गया था। नत्थू कुशवाहा वन विभाग के अमले को देखकर घर के पीछे से भाग गया। जबकि शेष दो लोग घर पर नहीं मिले। वन विभाग तीनों की तलाश कर रहा है। मामले में धरमपुर पुलिस की मदद ली जा रही है। गौरतलब है कि इसी प्रकार से एक माह पूर्व धरमपुर रेंज में ही एक तेंदुए के शिकारियों के जाल में फांसने की जानकारी मिली थी। जिसे वन विभाग का मैदानी अमला हाइना बताता रहा है। इन घटनाओं ने वन अमले के मैदानी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों की सक्रियता पर सवाल उठ रहे हैं। यह क्षेत्र यूपी की सीमा से लगा होने के कारण यहां शिकारियों और तस्करों की गतिविधियों पर रोक नहीं लग पा रही है।
तेंदुए के शव से अंग गायब
उत्तर वन मंडल के डीएफओ मीना मिश्रा ने बताया कि बाडी डि-कंपोज हो गई थी। सैंपल लिए गए हैं, शव तेंदुए का भी हो सकता है। डीएनए फिंगर प्रिंट के लिए सैंपल भेजा जाएगा। शव के कुछ अंग भी गायब है। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ बताया जा सकता है।
Published on:
25 Feb 2020 12:55 am
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