
The procession of sacrifices at the altar performed with Vedic mantras
पन्ना. जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बृहस्पतिकुंड में आयोजित 51 कुंडीय गायत्री महायज्ञ में दूसरे दिन सुबह ९ बजे से यज्ञ वेदी में आहुतियों का कार्यक्रम शुरू हो गया। सुबह से लेकर रात तक प्रतिदिन विविध धार्मिक और अध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 26 फरवरी तक चलेगा। यज्ञ कार्यक्रम का शुभारंभ 22 फरवरी को कलश यात्रा के साथ हुआ था। 23 फरवरी रविवार को सुबह 9 बजे से हरिद्वार की सूरत अमृते के नेतृत्व में गणेश चंद्रवंशी, सरोज पांडेय, छन्नूलाल साहू, सुनील सिंह की टीम ने यज्ञ कार्यक्रम शुरूकरा दिया।
यज्ञ की शुरुआत देवों के आह्वान से हुई
यज्ञ की शुरुआत देवों के आह्वान के साथ हुई। जहां एक साथ ५१ यज्ञ वेदियों पर बैठे श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चा के बची यज्ञ वेदी पर आहुतियां डालना शुरूकर दिया। यहां का मनमोहक नजारा देखते ही बन रहा था। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गहरा, गजना, बृजपुर, पहाड़ीखेड़ा, पवई, गुनौर अजयगढ़ पन्ना सहित सतना और असापास के जिलों से भी श्रद्धालु पहुंचे हुए थे। कार्यक्रम में शामिल होने वाले पुजारियों और व्यवस्था से जुड़े लोगों के लिए आयोजन स्थल पर ही भेाजन की भी व्यवस्था की गई है।
दीप यज्ञ का होगा आयोजन
गायत्री परिवार की ओर से बताया गया कि सोमवार को यज्ञ कार्यक्रम में दीप यज्ञ का आयोजन भी किया जाएगा। शाम के समय प्रवचन का कार्यक्रम भी हो रहा है। इसमें हरिद्वार से आये विद्वानों द्वारा विभिन्न विंदुओं पर सरगर्भित प्रवचन दिए जा रहे हैं। जिन्हें सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडाल में पहुंचे हुए थे।
Published on:
24 Feb 2020 12:33 am
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