
दो सेवा सहकारी समितियों समेत पांच दुकानों पर खाद बेचने पर रोक, लाइसेंस निलंबित
पन्ना. रबी सीजन में खाद-बीज की गुणवत्ता परखने के लिए कृषि विभाग द्वारा कराए गए सेंपल सर्वे में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। दुकानों, विक्रय केंद्रों और दवा दुकानों के का निरीक्षण कर सेंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए थे। बीज की 25 दुकानों का निरीक्षण कर 101 सेंंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए थे। इनमें से बीज के चार सेंपल अमानक स्तर के पाए गए हैं। जिनमें दो सेंपल बीज निगम के थे और दो निजी विक्रेताओं के थे। निजी विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त करने के साथ ही उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश
उप संचालक कृषि एसपी सुमन ने बताया, रबी मौसम में किसानों को उत्तम गुणवत्ता की उर्वरक, बीज और पौध संरक्षण औषधियां कृषों को प्राप्त हो इस हेतु 5 दल गठित कर 15 से 30 नवंबर तक विशेष संघन अभियान चलाया गया। दल द्वारा पंजीकृत सहकारी एवं निजी विक्रेताओं की दुकानों, गोदामों का निरीक्षण कर बीज के 25, उर्वरक के 42 एवं पौध संरक्षण औषधियों के 30 दुकानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान बीज के 18, उर्वरक के 15 एवं पौध संरक्षण के 8 नमूने लिए जाकर परीक्षण हेतु प्रयोगशाला भेजे गए।
बीज निगम के लाट किए गए निरस्त
उन्होंने बताया कि खरीफ 2019 में बीज के 101, उर्वरक के 44 और पौध संरक्षण औषधि के 6 नमूने लिए जाकर प्रयोगशाला भेजे गए थे। जिसमें बीज के 4 नमूने अमानक पाए गए। अमानक पाए गए नमूनों में दो नमूने बीज निगम के थे। जाच रिपोर्टआने के बाद उक्त बीजों से संबंधित लॉटकी बिक्री प्रतिबंधित कर दी गईहै और अग्रिम कार्रवाईके लिए डायरेक्टर एग्रीकल्चर को लिखा गया है। उन्होंने बताया अमानक पाए गए दो नमूने निजी विक्रेताओं के थे । निजी विक्रेताओं में बुन्देलखंड एग्रो प्रोपराइटर छोटे लाल कुशवाहा एवं मेसर्स जय मय मरही ट्रेडिंग कंपनी प्रोपराइटर शारदा प्रसाद लहगेरे की विक्रय अनुज्ञप्ति निलंबित की गई। इन्ही दो विक्रेताओं के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई।
Published on:
01 Dec 2019 11:04 pm
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