
जिले में नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही प्रमुख राजनीतिक दल कांग्रेस और भाजपा ने अपने-अपने योद्धाओं की घोषणा कर तस्वीर साफ कर दी है। भाजपा ने पांचवीं सूची में प्रहलाद लोधी को मैदान में उतारा है। लोधी बहुत क्षेत्र होने के कारण यहां किसी लोधी दावेदार को ही टिकट दिए जाने की संभावना जताई जा रही थी। यहां ध्रुव लोधी के नाम पर भी चर्चा हो रही थी।
टिकट बांटने में जहां इस बार भाजपा ने किसी प्रकार का रिस्क नहीं लेते हुए 2018 विधानसभा के तीनों प्रत्याशियों को ही टिकट दे दिया है वहीं कांग्रेस गुनौर और पन्ना में नए चेहरे लेकर आई है। दोनों दलों के योद्धाओं के तय होने के साथ ही अटकलों पर भी विराम लग गया है। साथ ही अब चुनाव प्रचार अभियान के भी जोर पकड़ने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि जिले में तीन विधानसभाओं में एक ही चरण में 17 नवंबर को चुनाव होना है। इसके लिए शनिवार से नामांकन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। 7.66 लाख से भी अधिक वोटर मतदान कर सकेंगे। जिले में सबसे पहले भाजपा ने गुनौर प्रत्याशी के रूप में राजेश वर्मा के नाम का टिकट फाइनल किया था। इसके बाद पन्ना से मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह के नाम की टिकट पन्ना से फाइनल हुई। कांग्रेस ने पवई से मुकेश नायक और गुनौर से जीवन लाल सिद्धार्थ की टिकट फाइनल कर दी थी। बीजेपी ने पवई से और कांग्रेस ने पन्ना से टिकट रोक रखी थी। इन्हीं दोनों होल्ड सीटों को लेकर सबसे अधिक चर्चा भी हो रही थी। दो दिन पूर्व आधी रात को कांग्रेस ने पन्ना से भरत मिलन पांडेय के नाम की घोषणा की जबकि बीजेपी ने पवई के लिए वर्तमान विधायक प्रहलाद लोधी के नाम की घोषणा नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के दिन शनिवार दोपहर की। भाजपा की पांचवीं सूची में पवई से प्रहलाद लोधी का नाम फाइनल होने के साथ ही जिले के तीनों विधानसभाओं के लिए भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों की सूची पूरी हो चुकी है। टिकट के बाद प्रहलाद ने कलेहीमाता मंदिर में दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
कांग्रेस दो सीटों पर नए चेहरे लेकर आई कांग्रेस के टिकट वितरण को देखा जाए तो इस बार तीन विधानसभाओं में से सिर्फ पवई से मुकेश नायक को रिपीट किया है। पन्ना विधानसभा में भरत मिलन पांडेय के रूप में नए चेहरे को लाकर प्रयोग किया है वहीं दूसरी ओर गुनौर विधानसभा में भी बसपा से कांग्रेस में आए जीवन लाल सिद्धार्थ को आगे लाकर जातिगत समीकरणों को साधने का प्रयास किया है, हालांकि यहां टिकट वितरण को लेकर पार्टी के अन्य दावेदारों में असंतोष है। इसी असंतोष के तहत पूर्व विधायक फुंदरलाल चौधरी कांग्रेस छोड़कर भाजपा ज्वाइन कर चुके हैं और टिकट के अन्य डेढ़ दर्जन दावेदार टिकट बदलने के लिए पार्टी नेताओं पर दबाव बनाने के लिए भोपला में डेरा डाले लिए हैं।
प्रहलाद लोधी का राजनीतिक कॅरियर: पवई विस से वर्तमान विधायक। 2018 के विधानसभा चुनाव के लिए उन्होंने पहले सपा प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया था, बाद में उन्हें पवई से भाजपा ने अपना प्रत्याशी बनाया था। इससे पहले वे कांग्रेस समर्थित जिला पंचायत सदस्य थे।
टिकट क्यों: वर्तमान भाजपा विधायक। विधानसभा लोधी बाहुल्य होने से जातिगत समीकरण। बीता चुनाव कांग्रेस के मुकेश नायक को हरा चुके थे। पूर्व सीएम उमा का लोधी जाति को एकतरफा समर्थन।
2013 बृजेंद्र सिंह भाजपा हारे
2018 प्रहलाद लोधी भाजपा जीते।
मौजूदा विधायक: प्रहलाद लोधी
जीत का मार्जिन : 23680
भाजपा के सभी पुराने चेहरे रिपीट
भाजपा ने इस बार तीनों विधानसभा सीटों में पुराने प्रत्याशियों को ही रिपीट किया है। भाजपा के प्रत्याशी राजेश वर्मा पिछला चुनाव कांग्रेस के शिवदयाल बागरी से हार गए थे। इसके बाद भी पार्टी ने उन्हें अपना प्रत्याशी बनाया। जिसके विरोध में यहां से पूर्व विधायक रहे महेंद्र बागरी ने भाजपा छोड़ कांग्रेस ज्वाइन कर ली थी। जबकि पवई से प्रहलाद लोधी और पन्ना से बृजेंद्र प्रताप सिंह पूर्व के प्रत्याशी और वर्तमान विधायकों पर ही पार्टी ने भरोसा जताया है।
Updated on:
22 Oct 2023 02:03 pm
Published on:
22 Oct 2023 02:02 pm
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