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पन्ना राजघराने की जीतेश्वरी देवी को भरे बाजार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उन पर जन्माष्टमी के मौके पर मंदिर में धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोप है। बताया जा रहा है कि वे राजपरिवार के बेटे को गर्भगृह में पूजा करने की परंपरा है, लेकिन उनके स्थान पर जीतेश्वरी देवी परंपरा निभाने पहुंची थीं। वे जबरन गर्भगृह में घुस गईं और आरती करने लगी। इस पर विवाद हो गया। इस पर उन्हें गर्भगृह से बाहर निकाल दिया गया।
कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को दोपहर में भरे बाजार में पन्ना राजघराने की सदस्य जीतेश्वरी देवी को गिरफ्तार कर लिया। उन पर धारा 295-A और 253 के तहत मामला दर्ज किया गया था। जीतेश्वरी को फिल्मी स्टाइल में पुलिस ने बीच बाजार में हिरासत में लिया और कोतवाली ले जाया गया। 2021 में भी जीतेश्वरी देवी को अपने स्टाफ के साथ मारपीट और गालीगलौच करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस के अनुसार गुरुवार रात 12.15 बजे बुंदेलखंड के प्रसिद्ध जुगल किशोर मंदिर में जन्माष्टमी की पूजा चल रही थी। जैसे ही मंदिर के पट खुले और आरती शुरू हुई। इस बीच पन्ना राजघराने की सदस्य जीतेश्वरी देवी भी गर्भगृह के पास जाकर बुजारी से चंवर छुड़ाकर पूजा करने लगी और अभद्रता भरी भाषा में बात करने लगी। इस बीच आरती में विघ्न आने पर पुजारी ने आरती बीच में ही रोक दी, लेकिन जीतेश्वरी देवी गर्भगृह में प्रवेश कर गई और खुद आरती उठाने की कोशिश करने लगी। इसका विरोध पुजारी और श्रद्धालु करने लगे। इसके बाद वहां मौजूद महिला सुरक्षाकर्मी ने उन्हें गर्भगृह से खीचकर बाहर निकाला, तो वे गिर गईं। इसके बावजूद भी विवाद करने पर उन्हें मंदिर से ही बाहर निकाल दिया गया। इसका वीडियो भी वायरल हुआ है।
घटना के बाद पुलिस जीतेश्वरी देवी को रात एक बजे ही कोतवाली लेकर आ गई थी। इसके बाद उन्हें छोड़ दिया था। मंदिर समिति की ओर से उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद उन्हें शुक्रवार को दोपहर में बीच बाजार से गिरफ्तार किया गया।
एसपी साईं कृष्ण एस थोटा ने बताया कि परंपरागत रूप से राज परिवार के पुरुष चौवर डुवाने की परंपरा का निर्वाह करते आ रहे हैं। राज परिवार में अब पुरुष के रूप में उनके बेटे को चौवर डुवाने के लिए आना चाहिए था। बेटे के नहीं आ पाने के कारण जीतेश्वरी देवी पहुंच गईं। मंदिर के मुसद्दी उन्हें वहां तक लेकर आए थे। वे आरती करने मंदिर के गर्भगृह में चलीं गई थीं। चूंकि वे विधवा हैं, इसलिए उनका आरती करना उचित नहीं था। इसलिए उन्हें बाहर निकाला गया। मंदिर के पुजारी संतोष तिवारी ने भी घटनाक्रम को दुखद बताया। उन्होंने कहा कि भगवान के जन्मोत्सव में ऐसा उपद्रव नहीं करना चाहिए था।
संपत्ति विवाद से सुर्खियों में है पन्ना राजघराना
पन्ना राजघराना डायमंड किंग के नाम से मशहूर था। अब तक इसके 18 शासक हो चुके हैं। इनमें से 18वें शासक महाराज पन्ना राघवेंद्र सिंह जू देव का जनवरी में नागपुर के एक अस्पताल में निधन हो गया था। उनकी पत्नी जीतेश्वरी देवी हैं। इन दोनों की संतान कुंवर छत्रसाल द्वितीय का 19वें शासक के रूप में विधिविधान से राजतिलक हुआ था।
मध्यप्रदेश के पन्ना राजघराना उस समय से सुर्खियों में है जब संपत्ति विवाद की लड़ाई सड़कों पर आ गई थी। जुलाई 2021 में राजघराने की महारानी जीतेश्वरी देवी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। राजमाता दिलहर कुमारी ने जून में जान से मारने की धमकी देने, घर में जबरन घुसने और आर्म्स एक्ट का एक शिकायती आवेदन दिया था, जिसमें कई लोगों को आरोपी बनाया गया था। इस आवेदन के आधार पर ही पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया था। इसके बाद जीतेश्वरी देवी को जब जबलपुर से पन्ना आ रही थी, तब गिरफ्तार कर लिया था। इस राजपरिवार में अरबों रुपयों की संपत्ति का विवाद काफी समय से चल रहा है। इन झगड़ों से कई बार राजपरिवार की किरकिरी हुई है।
Updated on:
08 Sept 2023 03:49 pm
Published on:
08 Sept 2023 03:36 pm

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