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पन्ना टाइगर रिजर्व के गेट खुलेंगे 16 अक्टूबर से, इस बार दुनियाभर के पर्यटन प्रेमियों को मिलेंगी कई सौगात

बाघों के कुनबे में वृद्धि से पर्यटन कारोबार में बूम की उम्मीद, बाघों की अच्छी साइटिंग के लिये पहचाना जाता है पन्ना टाइगर रिजर्व

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Panna Tiger Reserve gate will open from October 16

Panna Tiger Reserve gate will open from October 16

पन्ना. पन्ना टाइगर रिजर्व 16 अक्टूबर से पर्यटकों के लिये खोला जाएगा। जिसके लिए मडला और हिनौता गेट से पर्यटन के लिए काफी दिनों से ऑनलाइन बुकिंग चालू है। बफर जोन अकोला में भी एक प्रवेश द्वार है। जहां से अधिकतम 20 वाहनों को प्रतिदिन प्रवेश मिल सकता है। इस साल पार्क खुलने के ठीक पहले टाइगर रिजर्व में दो बाघिनों ने नन्हें शावकों को जन्म दिया है। इससे पूरे पार्क में खुसी का माहौल है। टूरिस्ट सीजन को लेकर यहां के अधिकांश होटल और लॉज बुक हो गए हैं। एक दिन में पन्ना टाइगर रिजर्व में अधिकतम 85 वाहनों की प्रवेश क्षमता है।

फीता काटकर पर्यटन का शुभारंभ करेंगे
पन्ना टाइगर रिजर्वपर्यट कों के स्वागत के लिए तैयार हो गया है। सुबह पार्क के फील्ड डायरेक्टर सहित अन्य अधिकारी फीता काटकर पर्यटन का शुभारंभ करेंगे। इसके लिए पार्क में तैयारियों का दौर चल रहा है। पार्क के सभी गाइडोंं को पूर्व में ही एक सप्ताह का विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है। उनके आईडी कार्ड भी रिन्यू करा दिए गए हैं। वहनों के पंजीयन का काम पूरा कर लिया गया है। अब सभी को इंतजार है तो बुधवार की सुबह का, जब पन्ना टाइगर रिजर्व में पर्यटन की शुरुआत होगी।

२० फीसदी कोर में ही पर्यटन की सुविधा
जानकारी के अनुसार पन्ना टाइगर रिजर्व का कोर क्षेत्र 543 वर्ग किमी है। जिसमें ४० से ५० किमी. क्षेत्र में पर्यटकों के लिए प्रवेश की अनुमति है। पर्यटन वर्ष 2018 -19 हेतु कोर क्षेत्र में मडला से ६० और हिनौता से २५ वाहनों सहित कुल 85 वाहनों को एक दिन में प्रवेश की अनुमति है। प्रवेश द्वार मडला से सुबह 35 व शाम को 25 वाहन तथा हिनौता प्रवेश द्वार से सुबह 15 वाहन एवं शाम को 10 वाहनों के प्रवेश की अनुमति प्रदान की गई। इसके साथ ही बफर जोन अकोला से प्रतिदिन २० पर्यटक वाहन भ्रमण हेतु प्रवेश कर सकेंगे। जिसमें सुबह 10 वाहन तथा शाम को 10 वाहन निर्धारित किए गए हैं।

इन सड़कों में आए दिन दिखते बाघ
बाघ पुनस्र्थापन योजना की अभूतपूर्व सफलता व बाघों की जबरजस्त साइटिंग के चलते प्रदेश का पन्ना टाइगर रिजर्व बीत पर्यटन वर्ष में पूरे साल चर्चा का विषय रहा है। बीते पर्यटन वर्ष में पार्क खुलने के पहले दिन से ही पर्यटकों को बाघ दिखने लगे थे और यह सिलसिला पूरे साल चला। पन्ना के बाघों का आकर्षण ऐसा रहा की दुनियांभर में सिर चढ़कर बोल रहा है। यहां के बाघों की दहाड़ सात समंदर पार से भी पर्यटकों को अपनी ओर खींच कर ले आती है। बीते एक साल में आए दिन बाघों को टाइगर रिजर्व के कोर और बफर जोन के अलावा सामान्य जंगलों में और पन्ना-अमानगंज और पन्ना-छतरपुर मार्ग में बाघों के दिखने की खबरें सुर्खियां बनीं। जिससे टूरिज्म में जबरदस्त इजाफा हो रहा है। देशी के साथ ही विदेशी पर्यटक भी यहां खिंचे चले आते हैं।

54 हो गए बाघ, अब तक में सर्वाधिक बाघ
पन्ना टाइगर रिजर्वसे में बीते दो-तीन सालों से बाघों का कुनबा लगातार बढ़ता जा रहा है। इससे हालात यह है कि टाइगर रिजर्व का कोर जोन बाघों के लिए कम पडऩे लगा है अब कोर की तरह ही बफर जोन में बाघों की साइटिग होने गली है। दो दिन पूर्व ही अकोला बफर क्षेत्र में नाइट सफारी में घूमने पहुचे पर्यटकों को दो बाघ देखने को मिले थे। बांधवगढ़ और पेंच में बाघ देखने से मायूस रहे पर्यटकों को यहां एक-दो दिन में ही बड़ी आसानी से बाघ के दर्शन हो जाते हैं।

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फैक्ट फाइल
कुल क्षेत्रफल- १५७८.५५ वर्गकिमी
कोर जोन- ५७६.९०३ वर्ग किमी.
बफर जोन- १०२१.९७ वर्ग किमी.
कुल बाघ- ५४
वयस्क- ३७
अर्ध वयस्क और शावक- १७

सभी जरूरी तैयारियां पूरी
केएस भदौरिया, फील्ड डायरेक्टर पन्ना टाइगर रिजर्व ने बताया कि इस साल भी बाघों की अच्छी साइटिंग की उम्मीद है। मडला गेट में फीता काटकर पर्यटन की शुरुआत की जाएगी। सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।