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स्वच्छ राजनीति को लेकर महिलाएं बेबाकी से बोलीं, कहा- अच्छे लोगों के आगे आने से स्वच्छ होगी राजनीति

स्वच्छ राजनीति को लेकर महिलाएं बेबाकी से बोलीं, कहा- अच्छे लोगों के आगे आने से स्वच्छ होगी राजनीति

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patrika changemakers meeting in panna

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पन्ना। स्वच्छ राजनीति के लिए पत्रिका की ओर से चलाए जा रहे चेंजमेकर महाअभियान को लेकर गुरुवार को राजीव गांधी कम्प्यूटर कॉलेज में महिलाओं ने स्वच्छ राजनीति पर चर्चा की। इस दौरान पूरी जिम्मेदारी के साथ राजनीति में अच्छे लोगों को प्रोत्साहित करने का भरोसा दिलाया गया। महिलाओं का कहना है कि राजनीति को गंदा समझकर कभी आगे नहीं आती थीं, जिसका फायदा स्वार्थी तत्वोंं ने उठाया। यह जरूरी है कि हम महिलाएं आगे आएं और ऐसे लोगों को राजनीति से दूर करें, जिनसे राजनीति गंदी हो रही हो। जो महिलाएं पारिवारिक और सामाजिक कारणों से राजनीति में आगे नहीं आ सकती हैं वे राजनीति में अच्छे लोगों को प्रोत्साहित करें।

चर्चा के दौरान महिलाओं ने कहा, अभी राजनीति में महिलाओं की संख्या अपेक्षाकृत कम है। यही कारण है कि उनकी आवाज को राजनीति में उतना महत्व नहीं मिल पाता है। राजनीतिक दलों द्वारा भी महिलाओं को आगे बढ़ाने की बात तो की जाती है, लेकिन जब टिकट देने का समय आता है तो राजनीतिक दल सिर्फ जिताऊ नेता को ही टिकट देते हैं।

राजनीति में महिलाओं को आगे लाने के लिए हमें खुद ही सक्रिय होना पड़ेगा। जो महिलाएं खुद राजनीति में नहीं आ सकती हैं वे अच्छे लोगों को आगे लाने के लिए प्रयास करें। जिससे राजनीति को साफ करके अच्छे लोगों को इस दिशा में राजनीति करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। इस अवसर पर महिलाओं ने राजनीति में सक्रिय भागीदारी निभाने, महिलाओं को राजनीति में लाने, स्वच्छ और साफ-सुथरी छवि के लोगों को प्रोत्साहित करने का भी संकल्प लिया। इस मौके पर निधि गुप्ता, सोनाली, अर्चना गुप्ता, प्रीति नगररिया, पूजा रैकवार, रचना सिंह, पूनम यादव, रीना शर्मा, पूनज पटेल सहित अन्य महिलाएं मौजूद रहीं।

आजकल राजनीति मुद्दों पर आधारित न होकर व्यक्तिगत हो गई। चुनाव के समय सड़क, बिजली, पानी, जैसी आम जनता से जुड़ी चीजें राजनीतिक दलों के घोषणा पत्रों में दूर-दूर तक नहीं दिखाई देती हैं। दलों में महिलाओं पर आधारित मुद्दों को नहीं छुआ जाता है।
सुमन गुप्ता, समाजसेवी

महिलाओं को घरेलू कार्यों के साथ ही राजनीति में भी सक्रियता दिखानी चाहिए। राजनीतिक मुद्दों को समझना चाहिए और उन पर अपनी राय भी व्यक्त करना चाहिए। इससे उनमें राजनीति के प्रति जिज्ञासा बढ़ेगी और उनके सक्रिय राजनीति में पदार्पण का मार्ग प्रशस्त होगा।
संगीता राय, पार्षद

राजनीति को लेकर महिलाओं का माइंड सेट है। इसे बदलने में समय लगेगा, यह तय है कि बदलाव जरूर आएगा। आज भले ही राजनीतिक दल महिलाओं को जिताऊ नेता नहीं समझते हों पर इस स्थिति में बदलाव जरूर आएगा। महिलाओं को राजनीतिक मुद्दों की समझ रखनी चाहिए।
रचना पाटकर, संचालक पतंजलि आयुर्वेद शॉप

राजनीति खराब नहीं है। हमें राजनीति में सक्रिय होकर अपनी भागीदारी और जिम्मेदारी बढ़ानी चाहिए। राजनीति को साफ-स्वच्छ बनाने की हमारी भी उतनी ही जिम्मेदारी है जितनी की अन्य की। दूसरों को दोष देने के बजाए महिलाओं को खुद सक्रिय होना होगा।
स्नेहलता पराशर, जिलाध्यक्ष लायनेस क्लब पन्ना

महिलाएं जब राजनीति में संख्या बल में अधिक होंगी तो उनकी बातों को सुना जाएगा। सबसे ज्यादा जरूरी है कि हम जहां भी हैं वहां से अच्छे लोगों को प्रोत्साहित करें। जो लोग आगे आना चाहते हैं, उन्हें सपोर्ट करें और राजनीति की गंदगी दूर करने सक्रिय भागीदारी निभाएं।
किरण सिंह, संचालक राजीव गांधी कम्प्यूटर कॉलेज

लोगों का माइंड इस तरह से सेट है कि राजनीति महिलाओं के लिए अच्छी नहीं होती है। महिलाएं जहां भी हैं वे बेहतर कर रही हैं। कुछ लोग जानबूझकर महिलाओं को इसलिए नहीं आगे आने देना चाहते कि कहीं उनका प्रभुत्व खत्म नहीं हो जाए। वे महिलाओं को दबाकर रखते हैं।
मंगला भाले, सदस्य करुणा समिति, महिला आयोग