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कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने उठाया मामला तो सिद्धनाथ आश्रम की बदहाली देखने नदी पार कर पगडंडियों के सहारे पहुंची सरकार

सलेहा के कार्यक्रम में कंाग्रेस जिलाध्यक्ष ने उठाया था मामला

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Muslims cleaned Ramshila in Ayodhya for Ram Mandir Nirman in Ayodhya

Siddhanath Ashram reached the government with the help of footpaths

पन्ना/सलेहा. अगस्त मुनि और भगवान श्रीराम के मिलन स्थल सिद्धनाथ आश्रम से पूर्व में मूर्तियों के चोरी जाने और यहां की बदहाली की खबर पत्रिका में प्रकाशित होने के बाद से पूरा प्रशासन हरकत में आ गया है। मामले की जांच करने के लिए राजस्व और पुलिस की टीम के जाने के बाद बुधवार को पूरा जिला प्रशासन पगडंडियों के सहारे नंगे पैर नदी को पार करके आश्रम पहुची और यहां की संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर कर्मवीर शर्मा और जिला पंचायत सीईओ बालागुरु के. ने पूरे आश्रम का बारीकी से मुआयना किया। वह स्थल भी देखा जहां से छेनी-हथौड़ों से काटकर मूर्तियों को चोरी की गई है।

प्रकाशित खबर के बाद हरकत में आया प्रशासन
गौरतलब है कि मामले को पत्रिका द्वारा उठाए जाने के बाद मूर्ति चोरों पर एफआइआर दर्ज कराने और संरक्षण को लेकर लेकर कई ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। बुधवार को सलेहा में आयोजित आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में कांग्रेस जिलाध्यक्ष दिव्यारानी सिंह ने भी सिद्धनाथ आश्रम की बदहाली के संबंध में जिला प्रशासन को अवगत कराया और ऐतिहासिक, पुरातात्विक और धार्मिक महत्व के इस स्थल के संरक्षण की मांग की। गुनौर विधायक ने भी जिलाध्यक्ष की मांग का समर्थन करते हुए आश्रम तक पहुंच मार्गबनवाने और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सामुदायिक भवन बनवान की बात कही।

तीन दिन से लगातार चल रही पड़ताल
कार्यक्रम के समापन के बाद एकबार फिर जिला प्रशासन के आला अधिकारियों से सिद्धनाथ आश्रम तक चलकर आश्रम के महत्व को समझने और उसकी बदहाली देखने के लिए कहा गया। इस पर कलेक्टर कर्मवारी शर्मा और जिला पंचायत सीईओ बालागुरु के. अधिनस्त अमले के साथ पगडंडी के सहारे नदी तक पहुंचे। नदी पहुंचने के बाद सभी लोगों ने अपने-अपने जूते-सेंडल उतारे और नदी में घुसकर उसे पार किया। नदी में कुछ स्थानों पर अभी भी घुटनों तक पानी था।

मंदिर-आश्रम का बारीकी के साथ मुआयना
कलेक्टर और जिपं सीईओ द्वारा सिद्धनाथ आश्रम के ऐतिहासिक, पुरातात्विक और धार्मिक महत्व के संबंध में पुजारी व स्थानीय लोगों से जानकारी ली गई। इसके बाद अधिकारियों द्वारा पूरे आश्रम और ऐतिहासिक मंदिर का सूक्ष्मता के साथ निरीक्षण किया गया। जिपं सीईओ तमिल क्षेत्र से होने के कारण वे आश्रम की बारीकियों के संबंध में काफी पूछताछ करते दिखे। यहां उन्हें बताया गया कि दक्षिण भारत के महान संत वेलूकुडी कृष्णन स्वामी हर चार साल में अपने सैकड़ों की संख्या में शिष्यों के साथ राम अनुयात्रा में यहां आते हैं। उन्होंने तमिल और हिंदी भाषाओं में कईग्रंथों की भी रचना की है। जिसमें अगस्त मुनि के दक्षिण भारत से पन्ना के सलेहा तक पहुंचने की यात्रा, भगवान श्रीराम से उनके मिलने के प्रसंग और मंदिर की प्राचीनता के बारे में विस्तार पूर्वक लिखा है। अधिकारियों ने प्राचीन मंदिर के उन स्थानों को भी देखा जहां से मूर्तियों को छेनी-हथौड़ी से काटकर ले जाया गया था।