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सूरज बिहारी हत्याकांड के सातों आरोपी जेल में, जानें एक-एक कर पुलिस के जाल में कैसे फंसे

पूर्णिया के चर्चित सूरज बिहारी हत्याकांड में पुलिस ने राहत की सांस ली है। सभी सात नामजद आरोपी अब सलाखों के पीछे हैं। किसी ने खुद सरेंडर किया तो किसी को पुलिस ने जाल बिछाकर पकड़ा।

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पटना

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Anand Shekhar

Feb 12, 2026

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सूरज बिहारी (फोटो- X@Vspeaks)

पूर्णिया के चर्चित सूरज बिहारी हत्याकांड में पुलिस ने सभी 7 नामजद आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। 27 जनवरी को वसंत विहार इलाके में युवा बिजनेसमैन और ब्लॉगर सूरज बिहारी की हत्या ने पूरे बिहार को झकझोर कर रख दिया था। इंस्टाग्राम रील्स और सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। मरंगा पुलिस ने सबूत इकट्ठा करने के साथ-साथ आरोपियों पर ऐसा साइकोलॉजिकल प्रेशर डाला कि सिर्फ दो हफ्तों के अंदर सभी नामजद आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच गए।

सरेंडर और गिरफ्तारी की पूरी कहानी

पूर्णिया पुलिस ने फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए नेपाल बॉर्डर से लेकर मुजफ्फरपुर तक जाल बिछाया था। घटना के बाद से फरार चल रहे मुख्य आरोपी स्नेहिल झा उर्फ ​​स्नेहिल ठाकुर और उसके भाई आदित्य ठाकुर ने मुजफ्फरपुर में सरेंडर कर दिया। पुलिस के मुताबिक, लगातार छापेमारी, रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों पर निगरानी और कुर्की की तैयारी ने दोनों पर साइकोलॉजिकल प्रेशर बनाया। जिसकी वजह से दोनों सरेंडर करने पर मजबूर हो गए।

सरेंडर के अगले ही दिन पुलिस ने ऑपरेशन का दायरा बढ़ा दिया। पुलिस ने भवानीपुर थाना इलाके से ब्रजेश सिंह, उसके भाई नंदू सिंह और अमन सिंह को गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों का कहना है कि लोकेशन इनपुट और लोकल नेटवर्क से मिली जानकारी से टीम सीधे उनके ठिकाने तक पहुंच गई। ये तीनों अपराधी नेपाल भागने की प्लानिंग कर रहे थे।

पुलिस ने छठे आरोपी रजनीश सिंह को नवगछिया के बिहापुर से गिरफ्तार किया। आखिर में, सातवें आरोपी अंशु सिंह ने भी कानून की पकड़ को भांपते हुए पूर्णिया कोर्ट में सरेंडर कर दिया। इस तरह, एक-एक करके सभी नामजद आरोपी कानून के शिकंजे में आ गए।

CCTV फुटेज से सच सामने आया

घटना का जो सीसीटीवी फुटेज वायरल हुआ, उसने अपराधियों के बेखौफ चेहरे उजागर कर दिए। जांच में पता चला कि सूरज बिहारी की हत्या उनकी ही लाइसेंसी पिस्टल से की गई थी, जिसकी कीमत 22 लाख रुपये है, जिसे अपराधियों ने छीन लिया था। फुटेज में एक काली स्कॉर्पियो भी दिखी, जिसने गोली लगने के बाद भाग रहे सूरज बिहारी को कथित तौर पर टक्कर मारी थी। पुलिस अब गाड़ी के मालिक और ड्राइवर की भूमिका की भी पूरी जांच कर रही है।

अब मददगारों और स्पीडी ट्रायल की बारी

पूर्णिया SP स्वीटी सेहरावत के मुताबिक, सभी नामजद आरोपी जेल में हैं, अब उन लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है जिन्होंने इन अपराधियों को पनाह दी या भागने में मदद की। पुलिस इन मददगारों के खिलाफ FIR भी दर्ज करने की तैयारी कर रही है। हत्या की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस स्पीडी ट्रायल के लिए कोर्ट में अर्जी देगी ताकि अपराधियों को रिकॉर्ड समय में सजा मिल सके।