24 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मशीन सब बता देगी… गाजियाबाद पुलिस ने बिहारियों को ‘बांग्लादेशी’ कहकर धमकाया, रोशनी खातून ने ऐसे की बोलती बंद

"पुलिस बोले कि उनके पास मशीन है जिससे पता चल जाएगा कि हम बांग्लादेश के हैं या नहीं । वे हमें डराना चाह रहे थे लेकिन हम बिहारी हैं क्यों डरें?

2 min read
Google source verification

गाजियाबाद पुलिस जांच करते। फोटो- सोशल साइट-एक्स Manauar Ali

गाजियाबाद का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक पुलिस अधिकारी झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले बिहार के लोगों को धमका रहे हैं । उनका दावा है कि उनके पास एक मशीन है जिससे पता चल जाएगा कि वे बांग्लादेश से अवैध अप्रवासी हैं या नहीं। पुलिस ने कहा कि डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए कोई औपचारिक आदेश नहीं जारी किया गया था। इस मामले के प्रकाश में आने के बाद पूरे मामले की जांच का निर्देश दे दिया गया है।

मशीन सब बता देगी...

बिहार की रोशनी खातून ने द इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए बताया कि पुलिस अधिकारियों ने "निरीक्षण के बहाने" झुग्गियों में प्रवेश किया । उन्होंने दरवाजा खटखटाया और आधार कार्ड मांगा। रोशनी कहती हैं, "मैं अंदर गई, फोन लेकर आई जिसमें मेरा आधार था। फिर उन्होंने मुझे उसे एक पुलिसवाले को दिखाने को कहा जो वीडियो बना रहा था।" उन्होंने बताया, "पुलिस बोले कि उनके पास मशीन है जिससे पता चल जाएगा कि हम बांग्लादेश के हैं या नहीं । वे हमें डराना चाह रहे थे, लेकिन हम क्यों डरें? हम बिहारी हैं" पुलिस ने साइकोलॉजिकल ट्रिक भी अपनाई, लेकिन हम डरे नहीं। खातून ने कहा, "झुग्गी में 25-30 लोग रहते हैं, हम सब मुस्लिम हैं और बिहार के अररिया जिले से काम के लिए आए हैं।"

डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन को नहीं कहा गया

इधर, ट्रांस-हिंडन के डीसीपी निमिष दशरथ पाटिल ने बताया कि SHO अजय कुमार शर्मा को चेतावनी जारी की गई है और उनके व्यवहार की जांच शुरू कर दी गई है । डीसीपी ने कहा, "यह एरिया डोमिनेशन एक्सरसाइज थी, पुलिस को इलाके में मौजूदगी दिखाने के लिए कहा गया था। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए कोई निर्देश नहीं दिया गया था।" जबकि वीडियो में शर्मा ने कहा, "पिछले साल, हमने उसी झुग्गी बस्ती से पांच लोगों को गिरफ्तार किया था जो बांग्लादेश के थे। हम पुलिस हिरासत में आरोपियों से पूछताछ करते समय इस ट्रिक का इस्तेमाल करते हैं, इसलिए मुझे लगा कि यह उन पर भी काम करेगी।"

बिहारी मार्केट के एक झुग्गी-झोपड़ी में पहुंचे थे

सूत्रों का कहना है कि अधिकारियों के अनुसार, 23 दिसंबर को, गाजियाबाद जिले के कौशांबी पुलिस स्टेशन के एसएचओ अजय कुमार शर्मा सहित दो पुलिस अधिकारी, इस अभियान के तहत वैशाली के बिहारी मार्केट के पास एक झुग्गी-झोपड़ी में पहुंचे। शर्मा ने कथित तौर पर वहां के निवासियों को यह दावा करके धमकाया कि उनके पास एक ऐसा डिवाइस है जो उनकी राष्ट्रीयता का पता लगा लेगा और यह भी बता देगा कि वे झूठ बोल रहे हैं या नहीं।