
रणवीर नंदन- प्रशांत किशोर
Bankipur By Election: जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "जन सुराज का कोई बड़ा संगठन नहीं है। बांकीपुर में हमने पहले कोई विशेष काम भी नहीं किया है। इसके बावजूद एक उम्मीदवार के मैदान में उतरते ही पूरी भाजपा थर-थर कांप रही है। अपने तथाकथित किले को बचाने के लिए भाजपा ने हजारों कार्यकर्ताओं को चुनाव मैदान में उतार दिया है। जिन इलाकों में पहले वोट मांगने भी नहीं जाते थे, वहां आज हर वार्ड में मंत्री घूम रहे हैं। यह बिहार की जनता के लिए अच्छे दिन हैं, क्योंकि जो नेता और मंत्री पहले लोगों का हाल तक नहीं पूछते थे, वे अब घर-घर जाकर वोट मांग रहे हैं।"
प्रशांत किशोर के इस बयान पर पलटवार करते हुए भाजपा नेता और बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष रणवीर नंदन ने कहा, "अगर जन सुराज के पास नेता और कार्यकर्ता नहीं हैं तो इसमें भाजपा का क्या कसूर है? भाजपा कार्यकर्ताओं की पार्टी है। हमारी राजनीतिक संस्कृति ही ऐसी है कि हम हर चुनाव पूरी ताकत और पूरी तैयारी के साथ लड़ते हैं। चुनाव जीतने के लिए संगठन के कार्यकर्ता से लेकर शीर्ष नेतृत्व तक सभी मिलकर मैदान में उतरते हैं।
दरअसल, बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर भाजपा ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। पार्टी ने मंत्री, सांसद और विधायकों समेत संगठन के वरिष्ठ नेताओं को चुनाव प्रचार और बूथ प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंप दी है। इसके अलावा एनडीए के सहयोगी दलों के नेताओं को भी क्षेत्र में सक्रिय रहने और चुनावी कैंप करने के निर्देश दिए गए हैं। भाजपा ने बूथ स्तर तक वोट मैनेजमेंट की रणनीति बनाई है, ताकि कोई भी मतदाता मतदान से वंचित न रहे। वहीं, जातीय समीकरणों को साधने के लिए अलग-अलग नेताओं को विभिन्न सामाजिक वर्गों की जिम्मेदारी दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, बिहार सरकार के मंत्री शैलेंद्र कुमार और बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष रणवीर नंदन को भूमिहार वोट बैंक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, मंत्री नीतीश मिश्रा और मिथिलेश तिवारी को ब्राह्मण मतदाताओं तक पहुंच बनाने का दायित्व दिया गया है। मंत्री लखेंद्र पासवान को दलित वोटरों, जबकि मंत्री दिलीप जायसवाल और सांसद संजय जायसवाल को वैश्य समाज के मतदाताओं को साधने की जिम्मेदारी मिली है।
इसी तरह, मंत्री रामकृपाल यादव, नवल किशोर यादव और राम सूरत राय को यादव वोट बैंक में पार्टी की पकड़ मजबूत करने की जिम्मेदारी दी गई है। भाजपा का लक्ष्य बूथ प्रबंधन के साथ-साथ सामाजिक समीकरणों को साधकर बांकीपुर सीट पर अपनी जीत सुनिश्चित करना है।
भाजपा का अभेद गढ़ मानी जाने वाली बांकीपुर विधानसभा सीट इस बार प्रशांत किशोर के चुनाव मैदान में उतरने के बाद बिहार की सबसे चर्चित सीटों में शामिल हो गई है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन लगातार 20 वर्षों तक इस सीट का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं। उनसे पहले उनके पिता स्वर्गीय नवीन किशोर सिन्हा भी तीन बार बांकीपुर से विधायक रहे। यानी लंबे समय तक इस सीट पर पिता-पुत्र का राजनीतिक वर्चस्व कायम रहा।
नितिन नबीन के भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य बनने के बाद यह सीट खाली हुई, जिसके चलते यहां उपचुनाव कराया जा रहा है। भाजपा ने इस सीट से नीरज सिन्हा को अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि जन सुराज की ओर से प्रशांत किशोर चुनाव मैदान में हैं। बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को मतदान होगा।
Updated on:
19 Jul 2026 08:48 pm
Published on:
19 Jul 2026 07:54 pm
