
भरत तिवारी और आशीष तिवारी
Bharat Tiwari Encounter Case: भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में में कथित एनकाउंटर में मारे गए भरत भूषण तिवारी की मौत का बदला लेने के लिए बिहार पुलिस की नौकरी छोड़ने और 'दूसरा भरत तिवारी' बनने की धमकी देने वाले सिपाही आशीष तिवारी पर गाज गिर गई है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने अनुशासनहीनता मानते हुए एक्शन लिया है। एसपी ने आरोपी सिपाही आशीष तिवारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
दरअसल, भोजपुर के बिलौटी गांव में भरत तिवारी मामले को लेकर एक विशाल महापंचायत बुलाई गई थी। इस सभा में बड़ी संख्या में उमड़े लोगों के बीच मोतिहारी पुलिस लाइन में तैनात आरक्षी संख्या 647 आशीष तिवारी ने माइक संभाला और ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मी होने के बावजूद मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ दीं।
आशीष ने मंच से कहा, "मैं खुद बिहार पुलिस में रहकर अपनी सेवाएं दे रहा हूं, लेकिन जब मेरे अपने ही परिवार को न्याय नहीं मिल रहा, तो ऐसी नौकरी का कोई मतलब नहीं रह जाता। मैं आज इस मंच से अपनी पुलिस की नौकरी छोड़ने की घोषणा करता हूं। अगर एक हफ्ते के भीतर मेरे भाई भरत तिवारी के मामले में न्याय नहीं मिला, तो मैं खुद 'दूसरा भरत तिवारी' बनने को तैयार हूं और न्याय की यह लड़ाई अब सड़क पर लड़ी जाएगी।"
वीडियो वायरल होते ही मोतिहारी के एसपी स्वर्ण प्रभात ने संज्ञान लिया। उन्होंने इसे पुलिस नियमावली, सेवा शर्तों और अनुशासन का उल्लंघन माना। एसपी ने तुरंत एक्शन लेते हुए सिपाही आशीष तिवारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
इसके साथ ही उन्होंने पुलिस केंद्र (पुलिस लाइन) के डीएसपी (पुलिस उपाधीक्षक) को पूरे मामले की गहराई से जांच कर जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है। एसपी ने साफ लफ्जों में कहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी सिपाही के खिलाफ सेवामुक्ति समेत सख्त से सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
गार्ड रूम में चाकू कांड (7 जनवरी 2023): मोतिहारी के हरपुर ओपी (थाने) में तैनाती के दौरान रात के करीब 10 बजे आशीष ने ड्यूटी के दौरान अचानक अपने ही साथी पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज की। साथ ही हाथ में धारदार चाकू लेकर ऑन-ड्यूटी पुलिस अधिकारी और अन्य कर्मचारियों को जान से मारने के लिए उनके पीछे दौड़ पड़ा। इस मामले में सजा के तौर पर उसका 6 महीने के लिए वेतन वृद्धि रोका गया था।
पिस्तौल से फायरिंग और सुसाइड की धमकी (17 अगस्त 2024): पिपराकोठी थाने में पैंथर टीम में तैनाती के दौरान उसने फिर अपने सहकर्मियों और गार्ड के साथ अभद्र व्यवहार किया। विवाद इतना बढ़ा कि आशीष ने अपनी सरकारी पिस्तौल को कॉक किया और वहां तैनात सुरक्षा गार्ड पर सीधे फायर झोंक दिया। जब विभागीय अधिकारियों ने उसे समझाने और रोकने की कोशिश की, तो उसने उन पर भी गोली चलाई और खुद को भी गोली मारकर सुसाइड करने की धमकी दी। इस मामले में उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज है और 2 साल का इन्क्रीमेंट रोका गया है।
Published on:
26 Jun 2026 02:15 pm
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