
बीजेपी। पत्रिका फाइल फोटो
Bihar Politics: बिहार में सत्ता परिवर्तन का काउंटडाउन शुरू हो गया है। दशकों तक छोटे भाई की भूमिका में रहने वाली भारतीय जनता पार्टी अब सूबे की कमान अपने हाथों में लेने जा रही है। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने दिग्गज नेता और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। शिवराज कल यानी 14 अप्रैल को पटना पहुंचेंगे, जहां उनकी मौजूदगी में विधायक दल की बैठक होगी और उस पर्ची से पर्दा उठेगा जिसमें भाजपा विधायक दल के नेता का नाम लिखा है।
बिहार के नए मुख्यमंत्री के चयन के संबंध में भाजपा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने स्पष्ट किया कि 14 अप्रैल का दिन निर्णायक होगा। उन्होंने कहा, 'BJP के केंद्रीय नेतृत्व ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को राज्य के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। वे 14 तारीख को पटना आ रहे हैं। उनके निर्देश पर विधायक दल की बैठक बुलाई जाएगी। निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी प्रक्रियाएं शीघ्रता से पूरी कर ली जाएंगी।'
बताया जा रहा है कि BJP के अलावा जदयू, लोजपा (रा), HAM और RLM के विधायक भी कल अपने-अपने दल के नेता का चुनाव करेंगे। सभी की नजरें जदयू विधायक दल के नेता के चुनाव पर टिकी होंगी, क्योंकि नीतीश के सांसद चुने जाने के बाद यह पद खाली हो रहा है। यह देखना दिलचस्प होगा कि जदयू किसे अपना नेता चुनती है।
नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार सुबह 11 बजे कैबिनेट की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक के बाद, नीतीश कुमार के लोक भवन जाकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपने की संभावना है। उसी दिन बाद में, BJP विधायक दल की बैठक के दौरान एक नए नेता का चुनाव किया जाएगा। इसके बाद, NDA की संयुक्त बैठक में इस नाम को अंतिम मंज़ूरी मिलेगी। सूत्रों के अनुसार, 14 अप्रैल को नेता के चुनाव के बाद, 15 अप्रैल को नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है।
शिवराज सिंह चौहान की पर्ची से किसका नाम निकलेगा ये तो कल ही पता चलेगा। फिलहाल, सीएम रेस में जो नाम सबसे आगे चल रहे हैं, उनमें ओबीसी वर्ग का बड़ा चेहरा और वर्तमान डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, यादव वोटों पर मजबूत पकड़ रखने वाले केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और अति पिछड़ा वर्ग का प्रतिनिधित्व करने वाली पूर्व डिप्टी सीएम रेणु देवी शामिल हैं।
इनके अलावा संगठन के मजबूत नेता और मंत्री दिलीप जायसवाल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल, प्रखर वक्ता और दलित चेहरा जनक राम तथा पटना के स्थानीय नेतृत्व को मजबूती देने वाले युवा विधायक संजीव चौरसिया के नामों पर भी गंभीर मंथन हो रहा है। वहीं, खेल और राजनीति में सक्रिय श्रेयसी सिंह, दलित समुदाय से आने वाले लखेंद्र पासवान और युवा नेता अभय गिरी के नाम भी चर्चाओं में बने हुए हैं, जिससे यह मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है।
आज पटना में सीएम आवास और डिप्टी CM सम्राट चौधरी का आवास राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बन गया। यहां जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने सम्राट चौधरी के साथ बैठक की, जो लगभग 40 मिनट तक चली। बाद में, संजय सरावगी भी वहां पहुंचे। माना जा रहा है कि विभागों का बंटवारा और नई कैबिनेट का ढांचा तय कर लिया गया है।
पूरी सावधानी बरतते हुए और किसी भी तरह की ढिलाई की गुंजाइश न छोड़ते हुए, पार्टी ने अपने सभी विधायकों को 14 और 15 अप्रैल तक पटना में ही रहने के सख्त निर्देश दिए हैं। दरअसल, पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार कर रहे लगभग 50 विधायकों को भी तुरंत वापस बुला लिया गया है। जदयू ने भी अपने सभी 85 विधायकों को पटना में मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं।
Updated on:
13 Apr 2026 03:14 pm
Published on:
13 Apr 2026 03:13 pm
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