
मधुबनी में कांग्रेसियों का दंगल। फोटो-सोशल साइट
मधुबनी में विधानसभा चुनाव में करारी हार की समीक्षा बैठक के दौरान बिहार कांग्रेस नेताओं के बीच हुई हाथापाई का एक वीडियो सामने आने के बाद पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने इसपर रिपोर्ट मांगी है। कांग्रेस के सीनियर नेताओं के अनुसार पार्टी के सीनियर नेता ने इस पूरे मामले को बड़ी गंभीरता से लिया है। यह विवाद पूर्व NSUI प्रदेश अध्यक्ष राशिद फकरी के समर्थकों के द्वारा कांग्रेस नेता नलिनी रंजन झा के समर्थकों के खिलाफ नारे लगाने को लेकर शुरू हुआ। इसके बाद विवाद बढ़ा और स्थिति मारपीट तक पहुंच गई। नलिनी रंजन झा बेनीपट्टी से चुनाव लड़ा था लेकिन,वे चुनाव हार गए थे।
वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, यह सब कुछ मधुबनी में काग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और पूर्व कांग्रेस विधायक दल के नेता शकील अहमद खान समेत करीब लगभग 500 कांग्रेस नेता की उपस्थिति में हुई। बिहार पार्टी प्रमुख राजेश राम और पूर्व कांग्रेस विधायक दल के नेता शकील अहमद खान पटना से मधुबनी मंगलवार को विधानसभा चुनावों में पार्टी के खराब प्रदर्शन पर चर्चा करने के लिए गए थे। लेकिन, समीक्षा बैठक से पहले ही मारपीट होने की वजह से बैठक नहीं हो सकी। कांग्रेस पार्टी ने इसे अब गंभीरता से लिया है और इस पूरे प्रकरण पर रिपोर्ट देने को कहा गया है। सोशल मीडिया पर मारपीट के वायरल हो रहे वीडियो में कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक आपस में हाथापाई करते दिख रहे हैं, जबकि बैकग्राउंड में एक नेता उन्हें रुकने के लिए कह रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने इसे एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताते हुए कहा कि टिकट वितरण पर असहमति की वजह से मारपीट हुई। पार्टी सूत्रों के अनुसार पूर्व NSUI प्रदेश अध्यक्ष राशिद फकरी के समर्थकों ने दूसरे कांग्रेस नेता नलिनी रंजन झा के समर्थकों के खिलाफ नारे लगाने शुरू कर दिए, इसको लेकर ही विवाद शुरू हुआ और स्थिति मारपीट तक पहुंच गई।
पूर्व कांग्रेस विधायक दल के नेता शकील अहमद खान ने इस घटना को "निंदनीय, आपत्तिजनक और दुर्भाग्यपूर्ण" बताते हुए कहा कि "लोकतंत्र में, सभी को अपने विचार व्यक्त करने का अधिकार है। हमारे पार्टी सहयोगियों को बैठक में अपनी आपत्तियाँ व्यक्त करनी चाहिए थीं। ऐसे समय में जब हमें बीजेपी की ताकत से लड़ना है, हम आपस में ही लड़ रहे हैं।" उन्होंने आगे कहा कि मधुबनी जिला इकाई ने इस घटना पर राज्य इकाई को एक रिपोर्ट भेजी है। उस रिपोर्ट को PCC अध्यक्ष केंद्रीय नेतृत्व को रिपोर्ट सौंपेंगे, जो मधुबनी की घटना से ज़रूर नाराज़ होंगे। ऐसी चीजें पार्टी को कमजोर करती हैं।
यह घटना बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के दो महीने से भी कम समय बाद हुई है। राष्ट्रीय जनता दल के नेतृत्व वाले महागठबंधन, जिसमें कांग्रेस भी शामिल थी, की सीटों की संख्या 110 से घटकर 35 रह गई। कांग्रेस की सीटें 19 से घटकर छह हो गईं, जिसमें बिहार कांग्रेस प्रमुख राम और पूर्व कांग्रेस विधायक दल के नेता शकील अहमद खान दोनों अपनी सीटें हार गए। बिहार कांग्रेस ने पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए सात नेताओं को पार्टी से निकाल दिया था और 36 अन्य को नोटिस जारी किए थे। राज्य इकाई ने चुनाव में मिली हार सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा करने के लिए केंद्रीय नेताओं से भी मुलाकात की है।
Updated on:
08 Jan 2026 11:25 am
Published on:
08 Jan 2026 11:24 am
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