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मनरेगा पर ‘संग्राम’ या घर में ‘कोहराम’? बिहार कांग्रेस की अहम बैठक से विधायकों ने बनाई दूरी, उठे सवाल

मनरेगा बचाओ संग्राम कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने को बुलाई गई बैठक में पार्टी के छह में से तीन विधायक बैठक में नहीं आए।

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सांकेतिक फोटो

कांग्रेस बिहार में 10 जनवरी से मनरेगा बचाओ संग्राम कार्यक्रम शुरू करने जा रही है। कांग्रेस इस आयोजन के दौरान मनरेगा विरोधी नीति के खिलाफ पूरे प्रदेश में जन-जन को जागरूक करेगी और सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी। पार्टी के कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर केंद्र सरकार की नीतियों की सच्चाई जनता के सामने रखेंगे। करीब एक माह तक चलने वाले इस अभियान से कांग्रेस को एक बार फिर से बिहार में जमीनी स्तर पर मजबूत करने का भी प्रयास चाहती है।

छह में से तीन विधायक नदारद

इसको देखते हुए पार्टी ने अपने इस अभियान से आरजेडी से दूरी बना रखा है। मनरेगा पर 'संग्राम' के बीच घर में 'कोहराम' ने पार्टी की तैयारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पार्टी में इस अभियान को सफल बनाने के लिए पिछले कई दिनों से समीक्षा बैठक कर अपनी योजना को अन्तिम रूप दिया है। लेकिन, बुधवार को मनरेगा बचाओ संग्राम कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने को बुलाई गई बैठक से पार्टी के छह में से तीन विधायक नदारद थे। इसको लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। इधर, पार्टी का एक गुट प्रदेश और जिला कमेटी से अलग अपना कार्यक्रम करने का फैसला किया है।

मनरेगा पर 'संग्राम' घर में 'कोहराम'

मनरेगा बचाओ संग्राम कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने को बुलाई गई बैठक में पार्टी के छह में से तीन विधायक अबीदुररहमान, मनोहर प्रसाद और मनोज विश्वास को छोड़ तीन विधायक बैठक में नहीं आए। प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने विधायकों की अनुपस्थिति पर सफाई देते हुए कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पार्टी कार्यों में व्यस्त थे, इसलिए वे पार्टी की बैठक में नहीं आए। इधर, जदयू ने कांग्रेस के अनुपस्थित विधायकों को लेकर दावा किया कि पार्टी के कई विधायक संपर्क में हैं। खरमास के बाद एक बड़ा खेला होगा। जदयू के इस दावे के बाद बिहार का सियासी तापमान बढ़ गया। राजनीतिक गलियारों में भी इस बात की चर्चा शुरू हो गई कि कांग्रेस का मनरेगा पर संग्राम शुरू होने से पहले ही समाप्त हो गया।

बागी मनरेगाकर्मी के साथ देंगे धरना

इधर, कांग्रेस का एक गुट प्रदेश और जिला कमेटी से अलग मनरेगाकर्मी के साथ अपना आंदोलन शुरू करने का एलान किया है। प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष आदित्य पासवान ने कहा कि हम लोग कांग्रेस के समानंतर प्रदेश में अपना आंदोलन करेंगे। कांग्रेस पार्टी जहां प्रदेश और प्रखंड मुख्यालय पर पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ धरना देने का काम करेगी वहीं हम लोग मनरेगाकर्मी के साथ धरना देने का काम करेंगे। हालांकि पार्टी ने आदित्य पासवान समेत 36 लोगों को नोटिस जारी कर रखा है। पार्टी ने इनपर विधानसभा चुनावों के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाते हुए कार्रावई किया था। लेकिन, कांग्रेस के ये नेता प्रदेश कमिटी के आदेश को दिल्ली में पार्टी हाई कमान के पास रखा है और अपने साथ न्याय की गुहार लगाया है।