
बिहार के दोनों डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र यादव
Bihar Deputy CM controversy:बिहार की राजनीति में सरकार द्वारा जारी एक नोटिफिकेशन ने नया तूफान खड़ा कर दिया है। सम्राट चौधरी कैबिनेट के विस्तार के बाद जारी किए गए आधिकारिक दस्तावेज ने प्रशासनिक हलकों और सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या बिहार में अब उपमुख्यमंत्री का पद समाप्त हो गया है? यह चर्चा तब शुरू हुई जब नई कैबिनेट लिस्ट में विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव के नाम के आगे उपमुख्यमंत्री नहीं लिखा गया।
यह विवाद कैबिनेट सचिवालय द्वारा 7 मई 2026 को जारी नोटिफिकेशन संख्या 01/2026-387 से शुरू हुआ। इस नोटिफिकेशन में मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों को आवंटित किए गए विभागों की जानकारी दी गई थी। लेकिन इस लिस्ट में क्रम संख्या 2 पर विजय कुमार चौधरी और क्रम संख्या 3 पर बिजेंद्र प्रसाद यादव के नाम तो हैं, लेकिन उनके नामों के आगे उपमुख्यमंत्री नहीं लिखा हुआ है। उन्हें अन्य 32 मंत्रियों की तरह ही सामान्य मंत्री की श्रेणी में दिखाया गया है।
जैसे ही यह नोटिफिकेशन सार्वजनिक हुआ, इस बात को लेकर अटकलें शुरू हो गईं कि क्या बिहार में उपमुख्यमंत्री का पद खत्म कर दिया गया है। लोग 15 अप्रैल 2026 के एक पिछले नोटिफिकेशन का हवाला दे रहे हैं, जिसमें विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव के नामों के आगे उपमुख्यमंत्री साफ तौर पर लिखा था। लोगों के बीच इस बात को लेकर चर्चा तेज हो गई कि क्या एनडीए सरकार में जदयू के इन दो प्रभावशाली नेताओं का कद जान-बूझकर कम कर दिया गया है।
मामले को तूल पकड़ता देख सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों को आगे आकर स्पष्टीकरण देना पड़ा। कैबिनेट सचिवालय विभाग के सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने स्पष्ट किया कि राज्य में उपमुख्यमंत्री का पद खत्म नहीं किया गया है और यह पूरी तरह से बरकरार है। उन्होंने कहा कि तकनीकी रूप से हर अधिसूचना में बार-बार पदनाम का उल्लेख करना अनिवार्य नहीं होता है। विभागों के बंटवारे वाली लिस्ट में मुख्य ध्यान मंत्रियों को आवंटित कार्यों पर होता है।
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने स्वयं इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया दी है। इसे सहजता से लेते हुए उन्होंने कहा कि यह संभवतः प्रिंटिंग की कोई गलती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विभाग जल्द ही इस गलती को सुधार लेगा।
Updated on:
10 May 2026 03:37 pm
Published on:
10 May 2026 03:36 pm
