
राबड़ी देवी को आवास खाली करने का नोटिस (फोटो-पत्रिका)
बिहार में सरकारी बंगले को लेकर एक नया विवाद शुरू हो गया है। पटना के हाई-प्रोफाइल पते 10, सर्कुलर रोड को लेकर विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और सत्ताधारी BJP आमने-सामने आ गए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को आवंटित इस आवास को लेकर विवाद तब बढ़ गया, जब भवन निर्माण विभाग ने इस बंगले को डेयरी और मत्स्य पालन मंत्री नंद किशोर राम के नाम पर आवंटित कर दिया। उस समय राबड़ी देवी छुट्टी पर बाहर थीं। पटना लौटने के बाद उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह यह घर खाली नहीं करेंगी। इसके बाद से बिहार की राजनीति में दोनों खेमों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। बिहार की राजनीति पारंपरिक रूप से कुछ परिवारों और राजनीतिक खेमों के इर्द-गिर्द ही घूमती रही है, जहाँ गठबंधन अस्थिर रहते हैं और प्रतिष्ठा की लड़ाई अक्सर अपने चरम पर दिखाई देती है।
इस विवाद के बीच राजनीतिक गलियारों और आम जनता में यह चर्चा भी तेज है कि आखिर इस बंगले को लेकर इतना बवाल क्यों हो रहा है। बताया जा रहा है कि लालू परिवार के पास इस समय कुल चार सरकारी बंगले हैं, जो पटना से लेकर दिल्ली तक स्थित हैं। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 39 हार्डिंग रोड पर सरकारी बंगला आवंटित है, हालांकि वे फिलहाल 10 सर्कुलर रोड वाले बंगले में ही रह रही हैं, जिसको खाली कराने को लेकर विवाद जारी है। इसी तरह लालू प्रसाद के छोटे बेटे तेजस्वी यादव को नेता प्रतिपक्ष के रूप में पटना के 1 पोलो रोड पर एक बड़ा सरकारी बंगला आवंटित है।
वहीं, लालू प्रसाद के बड़े बेटे किसी भी सदन में नेता नहीं हैं, इसके बावजूद वे पटना के 49 हार्डिंग रोड स्थित सरकारी बंगले में रह रहे हैं, जो उन्हें अगस्त 2015 में आवंटित किया गया था। इसी प्रकार दिल्ली में लालू प्रसाद की बड़ी बेटी मीसा भारती को लोकसभा सांसद होने के नाते पंडारा पार्क स्थित वीवीआईपी इलाके में सरकारी आवास आवंटित है, जो दिल्ली में पार्टी का एक प्रमुख राजनीतिक ठिकाना भी माना जाता है।
दरअसल, 10 सर्कुलर रोड बिहार के उन पतों में से एक है, जिसकी अहमियत सिर्फ उसकी नेमप्लेट तक सीमित नहीं है। यह आवास मुख्यमंत्री निवास और राजभवन के ठीक बगल में स्थित है। इसके साथ ही ये पूर्व सीएम नीतीश कुमार के आवास से भी बेहद करीब है। जहां एक ओर पिछले दो दशकों से नीतीश कुमार राज्य की सत्ता संभालते रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बिहार की राजनीति के दिग्गज लालू परिवार का इस आवास से 2006 से ही जुड़ाव रहा है। हालांकि, वर्ष 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद प्रदेश की एनडीए सरकार द्वारा राबड़ी देवी पर यह बंगला खाली करने का दबाव बनाया जा रहा है।
यह आदेश सम्राट चौधरी के सत्ता में आने के कुछ हफ्तों बाद आया है। यह पहली बार है जब किसी BJP नेता ने राज्य की कमान संभाली है। दिलचस्प बात यह है कि सम्राट चौधरी, जब RJD नेता थे, तब उन्होंने राबड़ी देवी के मंत्रिमंडल में उनके मुख्यमंत्री रहते हुए काम किया था। बाद में वे वर्ष 2017 में BJP में शामिल हो गए थे।
Updated on:
01 Jun 2026 11:15 am
Published on:
01 Jun 2026 10:56 am
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