सरकार गठन में दूसरा बड़ा मुद्दा महत्वपूर्ण मंत्रालयों के बंटवारे को लेकर है। जदयू चाहती है कि वित्त, गृह, ग्रामीण विकास, ऊर्जा, शिक्षा और जल संसाधन जैसे अहम विभाग उसके पास बने रहें, ताकि इन मंत्रालयों के जरिए वह अपनी योजनाओं को सीधे जनता तक पहुंचाकर अपने वोटर आधार को मजबूत कर सके। वहीं, भाजपा की नजर गृह, पथ निर्माण, स्वास्थ्य और उद्योग जैसे प्रमुख विभागों पर है। ये मंत्रालय कानून-व्यवस्था और विकास की छवि से जुड़े होते हैं, इसलिए भाजपा इन पर नियंत्रण बनाकर जनता के बीच मजबूत संदेश देना चाहती है।