
राजद विधायक भाई वीरेंद्र (फोटो- फेसबुक @Bhai Virendra)
Bihar Politicsबिहार विधनासभा चुनाव के बाद आरजेडी में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। परिवार के बाद अब पार्टी में भी हार के कारणों पर सवाल खड़े होने लगे हैं। मनेर से आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने हार को लेकर पार्टी नेतृत्व को कटघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी को चुनाव में पार्टी को हार का सामना इसलिए करना पड़ा, क्योंकि जमीनी कार्यकर्ताओं और मजबूत दावेदारों की अनदेखी की गई। 'जो लोग वर्षों से पार्टी के लिए काम कर रहे थे, उनका टिकट काट दिया गया। जबकि कई बाहरी और कमजोर उम्मीदवारों को मौका दे दिया गया। उन्होंने कहा कि चुनावी रणनीति में गंभीर चूक हुई है और इसी का खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ा।'
बिहार विधानसभा 2020 के चुनाव में पार्टी को सबसे अधिक 75 सीटें मिली थी। जबकि 2025 में राष्ट्रीय जनता दल के चुनाव में मात्र 25 सीटों पर सिमटकर रह गई। तेजस्वी यादव मुश्किल से नेता प्रतिपक्ष बन पाए। पार्टी का कोई एक नेता भी साथ छोड़ता है तो तेजस्वी यादव की नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी चली जा सकती है। इस करारी हार की वजह से ही लालू के परिवार में कलह चल रही है। रोहिणी आचार्या ने इसपर संजय यादव समेत कई सीनियर नेताओं को कटघरे में खड़ा कर दिया था। हार की टीस अभी तक पार्टी नेताओं को चुभ रही है। यही वजह है कि हर मुद्दे पर बीजेपी और जदयू पर तंज कसने वाले उनसे सवाल करने वाले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव इन दिनों चुप चाप बैठे हैं।
पटना के चर्चित गर्ल्स हॉस्टल प्रकरण पर तेजस्वी यादव की चुप्पी पर पार्टी के अंदर और बाहर सवाल उठ रहे हैं। तेजस्वी यादव ने घटना के दिनों के बाद अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के बाद अभी तक कोई आक्रमक भूमिका में नहीं दिख रहे हैं। उनकी चुप्पी पर सवाल उठने लगे हैं।
आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने तीन जिलों की चर्चा कर पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और उनके बच्चों पर बिना नाम लिए तीखा हमला करते हुए कहा कि कैमूर, रोहतास और बक्सर जिलों की जिम्मेदारी एक ही व्यक्ति को दी गई थी। तीनों जिलों को बेच दिया गया। किसने बेचा, यह पार्टी की जांच का विषय है। बक्सर जिले से पार्टी सिर्फ एक सीट ही जीत पाई। जब हम कोई बात बेबाकी से रखते हैं, तो सोच-समझकर और पूरी जिम्मेदारी के साथ रखते हैं। मैं जो कह रहा हूं, वह सही है और इस पर मैं अडिग हूं।" वे यहां पर नहीं रूके। भाई वीरेंद्र ने आगे कहा कि हमारे यहां कुछ ऐसे नेता हैं जो नाम के समाजवादी हैं। उनका दावा है कि तीन-तीन जिला चलाते हैं। ये वैसे नेता हैं जो कैमूर जोतते हैं, रोहतास जोतते हैं और आजकल बक्सर चला रहे हैं। ऐसे लोग राजनीति में रहेंगे और उनके कहने पर टिकट बंटेगा तो किसी भी दल का वही हश्र होगा जो आज हमारे दल का हो गया।
भाई वीरेंद्र एक मीटिंग में विजय मंडल का टिकट कटने पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए ये बातें कही। उन्होंने कहा कि जब यादव को ही टिकट देना था तो विजय मंडल में क्या कमी थी। बताना चाहिए कि क्यों टिकट काट दिया गया। इनका टिकट काटकर बाहर के लोगों को टिकट दे दिया गया दूसरे के कहने पर। ऐसा क्यों हुआ मेरे समझ से परे हैं।
Published on:
24 Jan 2026 03:01 pm

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