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Bihar Politics: सम्राट चौधरी के शपथ समारोह में क्यों नहीं दिखे निशांत? डिप्टी सीएम ने दिया जवाब

Bihar Politics: सम्राट चौधरी के शपथ ग्रहण समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे और जदयू नेता निशांत कुमार की अनुपस्थिति को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। इस मुद्दे पर बिहार के उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने प्रतिक्रिया दी।
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पटना

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Rajesh Kumar Ojha

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Updated: 15 Apr 2026, 1:24 PM IST

जदयू के वरिष्ठ नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव

Bihar Politics सम्राट चौधरी ने बुधवार को बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उनके साथ जदयू कोटे से दो उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने भी शपथ ग्रहण किया। इस मौके पर लोकभवन में कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी मौजूद रहे। हालांकि, कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे और जदयू नेता निशांत कुमार की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बन गई। इससे पहले कयास लगाए जा रहे थे कि निशांत कुमार जदयू कोटे से उपमुख्यमंत्री बन सकते हैं, लेकिन बाद में खबर आई कि उन्होंने इस पद को स्वीकार करने से इंकार कर दिया।

शपथ ग्रहण समारोह में उनकी गैरहाजिरी को लेकर उठे सवालों पर बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री और जदयू के वरिष्ठ नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि राजनीति में आना या न आना उनका व्यक्तिगत निर्णय है। इसके बाद उनकी भूमिका को लेकर एक नई चर्चा शुरू हो गई है।

पद नहीं, संगठन मजबूत करने में जुटे निशांत कुमार

जदयू सूत्रों के अनुसार, निशांत कुमार उपमुख्यमंत्री पद के इच्छुक नहीं हैं। वे इस पद को स्वीकार करने के बजाय पार्टी संगठन को मजबूत करने पर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं। यही वजह है कि उन्होंने डिप्टी सीएम बनने से इंकार किया। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्य सभा सांसद संजय कुमार झा ने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में कहा कि पार्टी के भीतर संगठनात्मक मामलों में निशांत की बढ़ती भूमिका स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा, “निशांत राजनीति में सक्रिय हैं। उन्होंने पार्टी जॉइन कर ली है और संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं। वे लगातार कार्यकर्ताओं और नेताओं से मिल रहे हैं, और पूरे संगठन को समझते हुए सोच-समझकर सुझाव दे रहे हैं।” झा ने आगे कहा कि भविष्य में पार्टी के अंदर या बाहर उनकी क्या भूमिका होगी, इसका निर्णय पार्टी के सदस्य ही करेंगे।

नीतीश की क्या इच्छा?

सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार फिलहाल नहीं चाहते कि निशांत कुमार सीधे सरकार में शामिल हों। उनका मानना है कि निशांत पहले संगठन में काम करते हुए राजनीतिक समझ और अनुभव हासिल करें, इसके बाद ही सरकार में उनकी भूमिका तय हो। नीतीश कुमार अपनी देखरेख में फिलहाल निशांत को तैयार कर रहे हैं। उनके निर्देश पर निशांत ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मिलना-जुलना भी शुरू कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, निशांत जल्द ही अपने पिता की तरह बिहार दौरे पर भी निकल सकते हैं। पार्टी सूत्र यह भी संकेत दे रहे हैं कि भविष्य में उन्हें विधान परिषद भेजा जा सकता है, ताकि उनकी राजनीतिक भूमिका को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाया जा सके।

परिवारवाद से बचना चाहते हैं नीतीश

राममनोहर लोहिया, जयप्रकाश नारायण और कर्पूरी ठाकुर की तरह ही नीतीश कुमार खुद को परिवारवाद के आरोप से दूर रखना चाहते हैं। यही वजह थी कि निशांत कुमार की पार्टी में एंट्री के समय वे पार्टी कार्यालय में मौजूद नहीं थे। निशांत को जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल कराया।

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