
तेजस्वी यादव और राहुल गांधी (Photo-ANI)
Bihar Politics बिहार में ठंड का कहर जारी है,लेकिन राजनीतिक तापमान बढ़ा हुआ है। मकर संक्रांति तक राज्य की राजनीति में एक बड़े बदलाव की उम्मीद है। सूत्रों का कहना है कि तीनों प्रमुख पार्टियां भारतीय जनता पार्टी (BJP), राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस 14 जनवरी (मकर संक्रांति) का इंतजार कर रही है। मकर संक्रांति के बाद तीनों राजनीतिक दल संगठन में महत्वपूर्ण बदलाव करने की तैयारी में हैं। 2029 के आम चुनाव को देखते हुए अपनी जमीनी स्तर पर ताकत बढ़ाने के लिए प्रमुख पदों पर नए चेहरों और जिला से लेकर ब्लॉक स्तर तक सुव्यवस्थित समितियों का गठन करने पर जोर दे रहे हैं।
BJP बिहार में विधानसभा चुनावों के बाद सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। पार्टी ने यहां दिलीप कुमार जायसवाल की जगह संजय सरावगी को प्रदेश में संगठन की जिम्मेवारी दी है। वे अब अपने संघठन में बदलाव का प्रस्ताव देने की तैयारी में हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि सरावगी संघठन को धार देने के लिए प्रमुख पदों पर "उपयुक्त व्यक्तियों" को नियुक्त करना चाहते हैं। कहा जा रहा है कि पार्टी का विस्तार मकर संक्रांति के बाद किया जायेगा।
RJD, जो अभी भी 2025 के चुनावों में मिली शर्मनाक हार से उबर नहीं पाई है, उसे शायद सबसे ज़रूरी बदलाव का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण इलाकों में अच्छी पकड़ रखने वाली पार्टी, सहयोगियों के बीच अंदरूनी कलह और चुनावी मुद्दों की गलत प्राथमिकताओं के कारण सत्ता विरोधी लहर का फायदा उठाने में नाकाम रही है। एक सीनियर पार्टी नेता ने कहा, “राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव की टीम कथित तौर पर जिला से लेकर पंचायत स्तर के नेताओं के प्रदर्शन की समीक्षा कर रहे हैं, ताकि खराब प्रदर्शन करने वालों को हटाया जा सके।” तेजस्वी यादव वापस लौट आए हैं। कहा जा रहा है कि वे अब अपने सीनियर नेताओं के साथ टीम से मिले फीडबैक पर काम करेंगे।
बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी (BPCC) के प्रमुख नियुक्त किए गए राजेश राम को पुराने स्ट्रक्चर के कारण चुनावों के दौरान उम्मीदवारों और जिला इकाइयों के साथ तालमेल बिठाने में चुनौती का सामना करना पड़ा। इसकी वजह से पार्टी की करारी हार हुई। BPCC प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने माना, “हमारी समीक्षा में जिला इकाइयों और उम्मीदवारों के बीच तालमेल की साफ कमी सामने आई।” इसकी वजह से हमारी करारी हार हुई। उन्होंने कहा कि लेकिन, हम इसे शीघ्र ही ठीक कर लेंगे। सूत्रों का कहना है कि खरमास के बाद कांग्रेस में बड़े स्तर पर बदलाव होने की संभावना है। कहा जा रहा है कि बिहार को नया प्रभारी मिल सकता है।
Published on:
06 Jan 2026 07:31 am
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