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Bihar Rajaswa Maha Abhiyan: दाखिल–खारिज और परिमार्जन के आवेदन होंगे अब ऑनलाइन, ऐसे करें जांच

Bihar Rajaswa Maha Abhiyan अंचलाधिकारी अपने लॉग इन से आवेदनों को दाखिल–खारिज या परिमार्जन प्लस पोर्टल पर  स्कैन कर साक्ष्यों का अलग अलग फाइल फोल्डर बनाकर अपलोड करेंगे। इसको लेकर मुख्य सचिव ने सभी सीओ को निर्देश दिया है।

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दाखिल–खारिज और परिमार्जन अब होंगे ऑनलाइन । फोटो-Revenue and Land Reforms Dept, Govt. of Bihar

Bihar Rajaswa Maha Abhiyan बिहार में चल रहे राजस्व महा–अभियान के तहत शिविरों में मिल रहे सभी आवेदनों को चौथे चरण में दाखिल–खारिज और परिमार्जन प्लस पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने इसके लिए सभी प्रमंडलीय आयुक्तों और जिलाधिकारियों को दिशा–निदेश जारी किए हैं।

आवेदनों को ऑनलाइन किया जायेगा

16 अगस्त से 20 सितंबर तक चल रहे इस महा–अभियान में पहले चरण में जमाबंदी पंजी की प्रति प्रिंट, आवेदन प्रपत्र का प्रिंट और अंचल माइक्रो प्लान तैयार किया गया। दूसरे चरण में जमाबंदी प्रति और आवेदन प्रपत्र का वितरण चल रहा है। तीसरे चरण में हलका स्तर पर शिविर लगाकर आवेदन भी लिए जा रहे हैं। 21 सितंबर से चौथे चरण में इन आवेदनों को ऑनलाइन किया जाएगा। पांचवें चरण में आवेदनों का निष्पादन होगा। इसके लिए अलग से दिशा निदेश जारी होंगे । अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों को तिथि, हल्का और मौजा वार फाइल फोल्डर में सुरक्षित रखा जाए तथा गैल्वनाइज्ड बॉक्स में संधारित किया जाए। इसके बाद सभी आवेदन स्कैन कर महा–अभियान पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे। प्रति कर्मी प्रतिदिन 200 आवेदन स्कैन करने का लक्ष्य तय किया गया है। इस क्रम में ऑनलाइन प्रविष्टि की प्रक्रिया भी तय कर दी गई है।

बिहारभूमि पोर्टल पर आवेदन को ट्रैक भी कर सकेंगे

अंचलाधिकारी अपने लॉग इन से आवेदनों को संबंधित कर्मियों को असाइन करेंगे और कर्मी अप्लाई ऑनलाइन मेनू से दाखिल–खारिज या परिमार्जन प्लस पोर्टल पर आवेदन को स्कैन कर साक्ष्यों का अलग अलग फाइल फोल्डर बनाकर अपलोड करेंगे। प्रत्येक कर्मी को प्रतिदिन न्यूनतम 25 आवेदन ऑनलाइन करने होंगे। आवेदन में कमी रहने पर शिविर प्रभारी आवेदन को संबंधित रैयत से ठीक कराएंगे। दस्तावेज की कमी रहने पर रैयत का दस्तावेज लेकर उस आवेदन के साथ अपलोड करेंगे। आवेदन अपलोड होते ही आवेदक को एसएमएस से आवेदन संख्या मिल जाएगी। इस आवेदन संख्या से आवेदक बिहारभूमि पोर्टल पर आवेदन को ट्रैक भी कर सकेंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल प्रशिक्षित और दक्ष कर्मियों को ही यह कार्य सौंपा जाए ताकि किसी प्रकार की त्रुटि न हो। पंचम चरण में सभी आवेदनों का निष्पादन किया जाएगा जिसके लिए अलग से दिशा–निदेश जारी होंगे।