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पटना: टेंडर घोटाले में बड़ा एक्शन! 11.50 करोड़ बरामदगी के बाद 3 बड़े सरकारी अफसर गिरफ्तार

एसवीयू ने टेंडर घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन सरकारी अधिकारियों तारिणी दास, मुमुक्षु चौधरी और उमेश कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। इनसे पहले इस मामले में रिशुश्री और उसके सहयोगी संतोष कुमार को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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पटना

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Rajesh Kumar Ojha

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Updated: 10 Jun 2026, 12:52 PM IST

arrested

सांकेतिक तस्वीर। फोटो -(AI Generated)

टेंडर घोटाले के मामले में विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन सरकारी अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है। इनमें भवन निर्माण विभाग के पूर्व मुख्य अभियंता तारिणी दास, वित्त विभाग में संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी मुमुक्षु चौधरी और नगर विकास एवं आवास विभाग के पूर्व कार्यपालक अभियंता उमेश कुमार सिंह शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि इनकी गिरफ्तारी के बाद कई और अधिकारियों की पर गिरफ्तारी का खतरा मंडराने लगा है। सरकार रिशुश्री से कनेक्‍शन को लेकर दो आईएएस अधिकारियों को पहले ही सस्‍पेंड कर चुकी है।

इन अधिकारियों के ठिकानों पर पिछले वर्ष ईडी ने छापेमारी की थी, जिसमें 11.50 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बरामद हुई थी। इससे पहले एसवीयू इस मामले के कथित किंगपिन रिशुश्री और उसके करीबी सहयोगी संतोष कुमार को भी पटना से गिरफ्तार कर चुकी है।

भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे अफसर

सूत्रों के अनुसार, विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) की जांच में टेंडर आवंटन के बदले रिश्वत लेने से जुड़े कई अहम साक्ष्य मिले हैं। आरोप है कि मुमुक्षु चौधरी ने सीतामढ़ी और सहरसा में नगर आयुक्त के पद पर रहते हुए रिशुश्री से जुड़ी कंपनियों को करोड़ों रुपये के ठेके आवंटित किए थे। जांच एजेंसियों को ऐसे संकेत मिले हैं कि इसके बदले कथित तौर पर बड़ी रकम रिश्वत के रूप में ली गई थी, जिसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।

बिल भुगतान के बदले वसूली

इसी तरह, पूर्व मुख्य अभियंता तारिणी दास पर भी ठेकों के बदले नकद कमीशन लेने के आरोप हैं। वहीं जांच में यह भी सामने आया है कि उमेश कुमार सिंह ने कथित तौर पर ठेकेदारों और विभिन्न एजेंसियों के साथ मिलकर एक संगठित भ्रष्टाचार तंत्र विकसित कर रखा था। आरोप है कि वह रिशुश्री की कंपनी समेत अन्य एजेंसियों के बिलों के भुगतान के बदले एक निश्चित प्रतिशत कमीशन लिया करते थे। फिलहाल इन सभी आरोपों की जांच जारी है।