
सांकेतिक तस्वीर- फोटो ANI
Bihar Weather:बिहार में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। पिछले कुछ दिन हुई बारिश के बाद साफ आसमान और पछुआ हवाओं के असर से तापमान में बढ़ोतरी होने लगी है। पटना मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले 48 घंटों में पूरे राज्य में अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की और वृद्धि होने की संभावना है। इस भीषण गर्मी के बीच, कुछ राहत की उम्मीद है कि 26 मार्च से पूरे राज्य में आंधी, बारिश और बिजली गिरने का दौर शुरू होने की संभावना है।
फिलहाल, बिहार के कई हिस्सों में पारा 35°C के पार पहुंच गया है। सोमवार को दर्ज आंकड़ों के अनुसार, कैमूर (भभुआ) राज्य का सबसे गर्म जिला रहा, जहां तापमान 34.5°C दर्ज किया गया। इसके अलावा, बक्सर, औरंगाबाद और गया में भी तापमान 32.5°C से ऊपर बना हुआ है। दोपहर के समय, सूरज की तपती किरणें सड़कों पर सन्नाटा पसरा देती हैं। खासकर शहरी इलाकों में, कंक्रीट के जंगलों और बढ़ते प्रदूषण के कारण उमस भरी गर्मी लोगों में बेचैनी और परेशानी पैदा कर रही है।
भीषण गर्मी के बीच, मौसम विभाग ने 26 से 28 मार्च की अवधि के लिए एक विशेष बुलेटिन जारी किया है। विभाग के अनुसार, एक नई मौसम प्रणाली के सक्रिय होने से यह संभावना है कि राज्य के अधिकांश जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं होंगी।
26 मार्च को, उत्तरी और पश्चिमी बिहार के जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चल सकती है। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, बक्सर, भोजपुर, रोहतास और औरंगाबाद जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है।
27 मार्च को, खराब मौसम का यह दौर पूरे बिहार राज्य में फैलने की संभावना है। मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि दक्षिण-पूर्वी बिहार के कुछ जिलों (भागलपुर, बांका) को छोड़कर, बाकी सभी जिलों में गरज और बिजली कड़कने के साथ मध्यम बारिश होने की संभावना है। इससे बढ़ते तापमान पर अचानक रोक लगेगी, जिससे लोगों को गर्मी से काफी राहत मिलेगी। हालांकि, गरज के साथ होने वाली यह बारिश किसानों के लिए चिंता का विषय भी बन सकती है, क्योंकि खेतों में तैयार फसलों को ओलावृष्टि और तेज हवाओं से नुकसान पहुंच सकता है।
बिहार में बिजली गिरना लंबे समय से एक बड़ी चिंता का विषय रहा है। मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों, या फूस/मिट्टी के घरों के नीचे शरण लेने से बचें। लोगों को खुले खेतों में जाने से बचना चाहिए और बिजली गिरने का खतरा होने पर, सुरक्षित इमारतों के अंदर ही रहना चाहिए। किसानों को सलाह दी गई है कि वे 26 मार्च से पहले अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दें।
Updated on:
24 Mar 2026 07:11 am
Published on:
24 Mar 2026 07:10 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
