
फर्जी UPSC टॉपर बनकर रंजीत ने बटोरी सुर्खियां। फोटो-सोशल साइट एक्स
यूपीएससी (UPSC) में ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती के फर्जी रिजल्ट का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि बिहार के शेखपुरा से ऐसा ही एक और मामला सामने आ गया है। मामला उजागर होने के बाद यूपीएससी में 440वीं रैंक लाने का दावा करने वाला युवक अंडरग्राउंड हो गया है।
बिहार के शेखपुरा जिले के माहुली थाना क्षेत्र के फतेहपुर गांव निवासी अर्जुन यादव के पुत्र रंजीत कुमार ने हाल ही में घोषित यूपीएससी परीक्षा परिणाम में खुद को 440वीं रैंक प्राप्त करने वाला बताया था। इसके बाद उसने इस बात का काफी प्रचार भी किया। सूचना मिलने पर पूर्व विधायक विजय यादव, स्थानीय मुखिया और माहुली थाना की पुलिस ने भी युवक की इस कथित सफलता पर उसे सम्मानित किया। इस मौके पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिस पर हजारों रुपये खर्च हुए।
हालांकि, आसपास के कुछ युवकों ने रंजीत के दावे की पड़ताल की तो पता चला कि 440वीं रैंक कर्नाटक के एक अन्य अभ्यर्थी रंजीत के नाम पर दर्ज है। जांच में यह भी सामने आया कि शेखपुरा का रंजीत उसी सफलता को अपना बताकर लोगों को गुमराह कर रहा था। सच सामने आने के बाद से रंजीत फरार हो गया है।
माहुली थाना प्रभारी ने बताया कि जब रंजीत की सफलता की सूचना मिली थी, तब पुलिस ने उसे बुलाकर सम्मानित भी किया था। लेकिन बाद में मामला संदिग्ध लगने पर उसे प्रवेश पत्र के साथ थाने में आने के लिए कहा गया। इसके बाद से उसका मोबाइल बंद है और उसका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है। सच सामने आने के बाद से वह अंडरग्राउंड हो गया है।
बिहार में इस तरह का यह दूसरा मामला है। इससे बिहार के भोजपुर के रहने वाले और रणवीर सेना प्रमुख ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती आकांक्षा सिंह ने यूपीएससी का रिजल्ट जारी होने पर 301वीं रैंक लाने का दावा किया था। लेकिन जांच में पता चला कि आकांक्षा फर्जी दावा कर रही थी। जबकि वास्तविक रूप से 301वीं रैंक उत्तर प्रदेश के गाजीपुर की आकांक्षा सिंह को मिली थी।
Updated on:
15 Mar 2026, 9:53 AM IST
Published on:
15 Mar 2026, 9:53 AM IST
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