
पूर्व केन्द्रीय मंत्री शकील अहमद (फ़ोटो- X@Ahmad_Shakeel)
Bihar Politics: पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व कांग्रेस नेता डॉ. शकील अहमद के सनसनीखेज आरोपों ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। डॉ. शकील अहमद ने दावा किया है कि राहुल गांधी के खिलाफ बयान देने के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने पटना और मधुबनी में उनके आवासों पर हमले का आदेश दिया था। इस आरोप के बाद, बीजेपी ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए इसे "इमरजेंसी वाली सोच" बताया।
बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने डॉ. शकील अहमद के दावों का समर्थन करते हुए कहा कि यह कोई नई घटना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी असहमति बर्दाश्त नहीं कर सकती, खासकर जब कोई नेता प्रथम परिवार के खिलाफ कुछ बोलता है। शहजाद पूनावाला ने कहा, "आज शकील अहमद के साथ जो हो रहा है, वही 2017 में मेरे साथ हुआ था। कांग्रेस पार्टी ने पार्टी के अंदर लोकतंत्र को पूरी तरह खत्म कर दिया है, जबकि बाहर लोकतंत्र का ढोल पीटती है।"
शहजाद पूनावाला ने आगे कहा कि अगर कोई कांग्रेस नेता गांधी परिवार के खिलाफ बोलता है, भले ही वह पार्टी के हित में हो, तो उसका भी वही हश्र होता है जो शकील अहमद, शशि थरूर या दूसरों का हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने जानबूझकर शकील अहमद को नुकसान पहुंचाने का निर्देश दिया। बीजेपी नेता ने इस पूरे मामले पर राहुल गांधी से सार्वजनिक जवाब की भी मांग की।
बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस जिस लोकतंत्र की बात करती है, वह सिर्फ मंचों और प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सीमित है, जबकि पार्टी के अंदर किसी भी वैचारिक असहमति को दबा दिया जाता है। शहजाद पूनावाला ने तो यहां तक कहा कि कांग्रेस पार्टी में अभी भी इमरजेंसी जैसी मानसिकता है।
बीजेपी नेता और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने भी राहुल गांधी के बारे में शकील अहमद के बयान के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कांग्रेस पार्टी की आलोचना की। पांडे ने कहा कि कांग्रेस पार्टी एक अलोकतांत्रिक पार्टी है, राहुल गांधी और सोनिया गांधी राजा-महाराजाओं की तरह हैं और जो कोई भी पार्टी या उनके खिलाफ बोलता है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। शकील अहमद के साथ ठीक ऐसा ही हुआ। उन्होंने आवाज उठाई और उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।
इससे पहले, डॉ. शकील अहमद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पोस्ट करके दावा किया था कि कांग्रेस के कुछ साथियों ने उन्हें चुपके से बताया है कि पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने बिहार कांग्रेस और यूथ कांग्रेस को 27 जनवरी को पुतले जलाने के बहाने पटना और मधुबनी में उनके घरों पर हमला करने का निर्देश दिया है। उन्होंने इसे लोकतंत्र और असहमति के अधिकार के खिलाफ बताया।
शकील अहमद ने राहुल गांधी पर सीधा हमला करते हुए कहा कि उन्हें ऐसे नेताओं से दिक्कत होती है जिनका जमीनी आधार मजबूत है या जो उनसे राजनीतिक रूप से सीनियर हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ऐसे नेताओं को अपने आस-पास नहीं रखना चाहते जो उन्हें अपना बॉस न मानते हों।
गौरतलब है कि बिहार चुनाव के बाद डॉ. शकील अहमद ने कांग्रेस पार्टी छोड़ दी थी। उन्होंने कहा था कि पार्टी में उन्हें लगातार अपमानित किया जा रहा था। एक इंटरव्यू में उन्होंने यह भी कहा था कि जिस दिन राहुल गांधी ने अपना पहला चुनाव जीता था, उस दिन वह अपना पांचवां चुनाव जीत चुके थे। उनके अनुसार, राहुल गांधी ऐसे नेताओं के साथ सहज नहीं हैं जिनका राजनीतिक कद उनसे ज्यादा या उनके बराबर है।
Published on:
27 Jan 2026 01:53 pm
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