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रेलवे सहित 40 सरकारी विभागों के नाम पर फर्जीवाड़ा, ED की रेड में चौंकाने वाला खुलासा

फर्जी सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे बड़े फर्जीवाड़े को लेकर गुरूवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पटना जोनल कार्यालय ने बिहार सहित देश भर के 15 ठिकानों पर छापेमारी की है।

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ED की छापेमारी (IANS)

सरकारी नौकरियों से जुड़े फर्जी जॉइनिंग लेटर स्कैम को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पटना जोनल कार्यालय ने गुरूवार को बिहार में मुजफ्फरपुर, मोतिहारी के साथ ही पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु, गुजरात, उत्तर प्रदेश समेत देश भर में एक साथ 15 स्थानों पर छापे मारे हैं। ईडी के अधिकारियों के अनुसार यह तलाशी एक मनी लॉन्ड्रिंग जांच का हिस्सा है, जो एक ऐसे स्कैम से जुड़ी है जिसमें सरकारी नौकरियों के लिए फर्जी जॉइनिंग लेटर भेजे गए थे।

फर्जी जॉइनिंग लेटर स्कैम

ईडी को सूचना मिली थी कि एक गिरोह लंबे समय से बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी का झांसा देकर ठगी कर रहा था। शुरुआती जांच में यह घोटाला भारतीय रेल के नाम पर सामने आया था, लेकिन ईडी की विस्तृत जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि यह नेटवर्क 40 से अधिक सरकारी संगठनों और विभागों के नाम पर फर्जी नियुक्तियां दे रहा है। जिनमें वन विभाग, RRB (रेलवे भर्ती बोर्ड), इंडिया पोस्ट, आयकर विभाग, कुछ हाई कोर्ट, PWD, बिहार सरकार, दिल्ली विकास प्राधिकरण, राजस्थान सचिवालय और अन्य शामिल हैं।

सरकारी नौकरी देने के नाम पर चल रहा था गिरोह

ED की रेड में पता चला कि गिरोह फर्जी ईमेल अकाउंट का इस्तेमाल करके सरकारी डोमेन की नकल करके फर्जी जॉइनिंग लेटर भेजता था। उम्मीदवारों का भरोसा जीतने के लिए, गिरोह ने कुछ पीड़ितों को 2-3 महीने की शुरुआती सैलरी भी दी, जिन्हें RPF (रेलवे सुरक्षा बल), रेलवे TTE (ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर) और टेक्नीशियन जैसे संगठनों में फर्जी तरीके से नौकरी दी गई थी।

 मनी लॉन्ड्रिंग की भी आशंका

ईडी को शुरूआती जांच में आशंका है कि यह घोटाला सिर्फ नौकरी के नाम ठगी का नहीं, बल्कि बड़ा मनी लॉन्ड्रिंग का नेटवर्क भी हो सकता है। छापेमारी के दौरान बैंक खातों, डिजिटल उपकरणों, दस्तावेजों और लेन-देन से जुड़े अहम सबूत मिले हैं।