
जनशक्ति जनता दल प्रमुख तेज प्रताप यादव (Photo-IANS)
लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव चूड़ा-दही भोज को लेकर चर्चा में हैं। बुधवार को उन्होंने बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा समेत कई मंत्री से मिलकर मकर संक्राति पर आयोजित चूड़ा-दही भोज में आने का निमंत्रण दिया। 14 जनवरी को आयोजित होने वाली इस भोज को लेकर लालू प्रसाद के अंदाज में तैयारी चल रही है। लेकिन, यह तैयारी क्यों हो रही है? इसको लेकर कई तरह की चर्चा हो रही है। पिता की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए तेज प्रताप यादव यह सब कुछ कर रहे हैं या फिर तेज प्रतात यादव इस भोज के बहाने एक नई राजनीतिक पीच तैयार कर रहे हैं।
सीनियर पत्रकार अरूण कुमार पांडेय इससे जुड़े सवाल पर कहते हैं कि तेज प्रताप यादव चूड़ा- दही भोज की मिठास से एक नई राजनीतिक उम्मीद देख रहे हैं। चुनाव हारने के बाद आवास और विधान परिषद में जाने का संभवत: वे इसके सहारे राह खोज रहे हैं। यही कारण है कि लालू की विचारधार के खिलाफ वे बीजेपी के पक्ष में बयान दे रहे हैं और अपनी दोस्ती बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। क्योंकि विधानसभा चुनाव हारने के बाद भी तेज प्रताप को सरकारी बंगला और विधान परिषद की सदस्यता चाहिए तो उनको एनडीए की शरण में जाना ही पड़ेगा। इसको लेकर ही वे मकर संक्राति पर चूड़ा-दही का भोज देकर अपनी नई पारी की तैयारी की संभावना तलाश रहे हैं।
तेज प्रताप यादव को लालू प्रसाद ने जब से अपनी पार्टी और परिवार से बाहर किया है उनका एनडीए से गठबंधन मजबूत होता जा रहा है। इसकी एक बानगी बिहार विधानसभा चुनाव के बीच में भी देखने को मिला था। जब केंद्र सरकार ने उन्हें वाई प्लस कैटेगरी की सुरक्षा दे दी थी। वाई प्लस कैटेगरी की सुरक्षा में आर्म्ड पुलिस के 11 कमांडो तैनात किए जाते हैं, जिसमें 5 पुलिस के स्टैटिक जवान वीआईपी की सुरक्षा के लिए उनके घर और आसपास रहते हैं। साथ ही 6 पीएसओ तीन शिफ्ट में सुरक्षा में तैनात रहते हैं।
तेज प्रताप यादव इन दिनों बीजेपी के समर्थन में बयान दे रहे हैं। बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए के शानदार प्रदर्शन पर तेज प्रताप यादव ने पार्टी के शीर्ष नेताओं को बधाई देने का काम किया था। जबकि इस चुनाव में उनके पिता की पार्टी आरजेडी को करारी हार का सामना करना पड़ा था। दो दिन पहले मंगलवार को तेज प्रताप यादव जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विवादित नारे पर कड़ी आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा कि “जो प्रदर्शन कर रहे हैं वो नासमझ हैं…प्रधानमंत्री के बारे में इस तरह के शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए…हम चाहते हैं कि छात्र इस तरह की भाषा का प्रयोग ना करें क्योंकि युवा देश का भविष्य हैं…जो कार्रवाई हो रही है उसको सरकार देख रही है…।”
Published on:
08 Jan 2026 12:47 pm
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