
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव
Rajya Sabha Chunav:बिहार की पांच राज्यसभा सीटों के चुनाव के लिए मंच तैयार है। नॉमिनेशन प्रोसेस शुरू होते ही राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने ऐलान कर दिया है कि महागठबंधन भी राजयसभा चुनाव में अपना उम्मीदवार उतारेगा। यह बयान सत्ताधारी NDA के 5-0 क्लीन स्वीप के सपने के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी क्र दी है ।
गुरुवार को मिडिया से बात करते हुए तेजस्वी यादव आत्मविश्वास से लबरेज नजर आए। उन्होंने साफ कहा, "हम अपना कैंडिडेट उतारेंगे और हम जीतेंगे। हमारे पास पर्याप्त संख्याबल है। कैंडिडेट के नाम पर आधिकारिक फैसला कुछ दिनों में हो जाएगा।" तेजस्वी का यह दावा इसलिए अहम है, क्योंकि मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक, महागठबंधन के पास एक सीट पक्की करने के लिए जरूरी 41 वोट नहीं हैं, फिर भी उन्होंने कैंडिडेट उतारने और जीतने का दावा किया है।
बिहार से पांच राज्यसभा सीटें खाली हो रही हैं। इनमें जेडीयू के हरिवंश नारायण सिंह और रामनाथ ठाकुर, आरजेडी के प्रेमचंद गुप्ता और एडी सिंह तथा आरएलएम के उपेंद्र कुशवाहा की सीटें शामिल हैं। नॉमिनेशन प्रोसेस शुरू हो गया है। 5 मार्च डेडलाइन है, 16 मार्च को वोटिंग होगी और उसी दिन वोटों की गिनती होगी। चार सीटों का गणित काफी हद तक साफ है, लेकिन पांचवीं सीट असली राजनीतिक लड़ाई का मैदान होगी।
बिहार असेंबली में कुल 243 सीटें हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 41 MLA का सपोर्ट चाहिए। NDA की स्थिति देखें तो, भाजपा, जदयू, लोजपा (रामविलास), हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के विधायक मिलाकर गठबंधन के पास कुल 202 MLA हैं। 164 वोटों के साथ, NDA को चार सीटें तो पक्की हैं और उसके पास 38 वोट बचते हैं। ऐसे में पांचवीं सीट जीतने के लिए NDA को सिर्फ तीन और वोट चाहिए।
वहीं, महागठबंधन के पास एक भी सीट के लिए काफी नंबर नहीं हैं। RJD, कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों वाले महागठबंधन के पास कुल 35 MLA हैं। तेजस्वी को एक सीट जीतने के लिए छह और विधायकों के सपोर्ट की जरूरत है।
तेजस्वी यादव की नजर अब असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के पांच विधायक और मायावती की BSP के एक विधायक पर है। अगर ये छह विधायक महागठबंधन के उम्मीदवार का समर्थन करते हैं, तो विपक्ष का आंकड़ा 41 तक पहुंच जाएगा। हालांकि, दिक्कत यह है कि AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने अपनी पार्टी का कैंडिडेट मैदान में उतारने की इच्छा जताई है। तेजस्वी से सपोर्ट मांगते हुए उन्होंने कहा, "हम हमेशा वोट क्यों दें? पॉलिटिक्स लेन-देन का खेल है।"
अगर पांच सीटों के लिए सिर्फ पांच कैंडिडेट चुनाव लड़ते हैं, तो चुनाव बिना किसी मुकाबले के हो सकता है। हालांकि, अगर महागठबंधन छठा या सातवां कैंडिडेट मैदान में उतारता है, तो वोटिंग 16 मार्च को होनी है। ऐसे में क्रॉस-वोटिंग की संभावना बढ़ जाएगी।
ऐसी चर्चा है कि RJD हिना शहाब (दिवंगत शहाबुद्दीन की पत्नी) को मैदान में उतारकर सीमांचल (AIMIM) के मुस्लिम MLA को लुभाने की कोशिश कर सकती है। इस बीच, NDA के कुछ मंत्रियों का दावा है कि विपक्ष के कई MLA उनके संपर्क में हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि अगर महागठबंधन पांचवीं सीट के लिए उम्मीदवार उतारता है तो मुकाबला बहुत करीबी हो सकता है। दोनों खेमों को और सपोर्ट जुटाने के लिए बैक-चैनल बातचीत करनी पड़ सकती है।
NDA के अंदर भी पांचवीं सीट को लेकर काफी खींचतान चल रही है। उपेंद्र कुशवाहा (RLM) अपनी सीट बचाना चाहते हैं। इसके अलावा, ऐसी अटकलें हैं कि भोजपुरी स्टार पवन सिंह को भी राज्यसभा भेजा जा सकता है। हालांकि अभी तक किसी के नाम की
Updated on:
26 Feb 2026, 7:39 PM IST
Published on:
26 Feb 2026, 7:39 PM IST
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