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जिस IAS ने पुलवामा के शहीदों की बेटियों को लिया था गोद, उस इनायत खान को बिहार सरकार ने दिया बड़ा प्रभार, PM मोदी भी कर चुके हैं तारीफ

IAS Inayat Khan: 2012 बैच की आईएएस अफसर इनायत खान को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में विशेष सचिव का अतिरिक्त प्रभार मिला है। इनायत खान अपने पहले ही प्रयास में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी छोड़ आईएएस बनी थीं। 2019 में उन्होंने पुलवामा हमले के शहीदों के बच्चों को गोद लिया था। 

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पटना

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Anand Shekhar

May 22, 2026

ias inayat khan

IAS इनायत खान

IAS Inayat Khan: बिहार सरकार ने शुक्रवार को 10 IAS अधिकारियों का तबादला कर दिया। इस फेरबदल के तहत राज्य के सबसे महत्वपूर्ण विभागों में से एक राजस्व और भूमि सुधार विभाग की ज़िम्मेदारी दो महिला अधिकारियों को सौंपी गई है। 2009 बैच की IAS अधिकारी सीमा त्रिपाठी को विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है, जबकि 2012 बैच की IAS अधिकारी इनायत खान को इसी विभाग में विशेष सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इनायत खान के पास वर्तमान में बिहार राज्य शैक्षिक अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक (MD) की ज़िम्मेदारी भी है।

पुलवामा के शहीदों की बेटियों को लिया है गोद

आईएएस इनायत खान साल 2019 में बिहार के शेखपुरा जिले की जिलाधिकारी (DM) थीं। उस वक्त जब पुलवामा आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था, इस हमले में बिहार के भी दो वीर सपूत रतन कुमार ठाकुर और संजय कुमार सिन्हा भी शहीद हुए थे। तब इनायत खान ने इन दोनों शहीद जवानों की बेटियों को गोद लेने का ऐलान कर दिया था, तब से वो उसनकी परवरिश कर रही हैं। उन्होंने अपना दो दिनों का वेतन शहीदों के परिवारों को दान कर दिया था और पूरे जिले के सरकारी कर्मचारियों से भी एक दिन की सैलरी डोनेट करने की अपील की थी।

जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी तारीफ

इनायत खान एक सख्त और रिजल्ट देने वाली अधिकारी मानी जाती हैं। जब वे शेखपुरा की डीएम थीं, तो वह जिला बेहद पिछड़ा माना जाता था। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'आकांक्षा योजना' के तहत शेखपुरा जिले को शामिल किया गया था। इनायत खान ने वहां कुपोषण, महिला स्वास्थ्य, और शिक्षा के स्तर में सुधार किए। उनके इसी बेहतरीन जमीनी काम को देखते हुए खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के दौरान इनायत खान की पीठ थपथपाई थी। पीएम मोदी ने देश के सामने मिसाल देते हुए कहा था कि इनायत खान के लगातार प्रयासों और बेहतरीन विजन के कारण ही आज शेखपुरा जिले का यह कायाकल्प संभव हो पाया है।

नौकरी छोड़ पहले ही प्रयास में बनीं IAS

मूल रूप से उत्तर प्रदेश के आगरा की रहने वाली इनायत खान की अपनी सफलता की कहानी भी युवाओं के लिए बेहद प्रेरणादायक है। उन्होंने पहले आगरा से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की, जिसके बाद एक नामी सॉफ्टवेयर कंपनी में बतौर इंजीनियर काम करने लगीं। लेकिन देश और समाज के लिए कुछ बड़ा करने की चाहत में उन्होंने महज एक साल में ही आईटी सेक्टर की नौकरी छोड़ दी। इसके बाद उन्होंने साल 2011 में अपने पहले ही प्रयास में UPSC में 176वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनीं। उन्हें बिहार कैडर आवंटित किया गया। वे पंडारक, राजगीर, भोजपुर, शेखपुरा और अररिया जैसे कई क्षेत्रों में काम कर चुकी हैं।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में सीमा त्रिपाठी के साथ संभालेंगी कमान

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में जहां इनायत खान को विशेष सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, वहीं 2009 बैच की एक महिला आईएएस अधिकारी सीमा त्रिपाठी को इस विभाग का सचिव बनाया गया है, जो खुद समाज के तानों को मात देकर आईएएस बनी थीं।