
कब्रिस्तान
Bihar Politics: बिहार में इस वक्त पुलिस एनकाउंटर और जाति की सियासत गरमाई हुई है। राजद ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार जाति देख कर अपराधियों का एनकाउंटर करवा रही है। इसी बीच अब केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के संरक्षक जीतन राम मांझी ने राजद पर हमला बोल दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट कर उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल से कई सवाल पूछे हैं। मांझी ने बिना नाम लिए एक खास जाति की ओर इशारा करते हुए जेल के कैदियों से लेकर दलितों, मुसलमानों की जमीनों और वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर अवैध कब्जे के आंकड़े जारी किए हैं।
जीतन राम मांझी ने बिहार की कानून-व्यवस्था और जेलों में बंद कैदियों के जातिगत आंकड़ों को लेकर आरजेडी को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने लिखा, 'मैं मानता हूं कि अपराधियों की कोई जाति नहीं होती।' मांझी ने पहला सवाल पूछा कि ऐसा क्यों है कि पूरे बिहार की हर जेल में 40 प्रतिशत कैदी एक ही खास जाति के हैं?
गरीबों और भूमिहीनों का मुद्दा उठाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार द्वारा दलितों को दिए गए भूमि भूखंडों (बासगीत पर्चा) का मामला उठाया। जीतन राम मांझी ने आरोप लगते हुए लिखा कि ऐसा क्यों है कि दलितों को सरकार से मिली पर्चे वाली लगभग 50 फीसदी से अधिक जमीन पर एक ही जाति के लोगों ने जबरदस्ती कब्जा किया हुआ है? इसके अलावा उन्होंने दलितों पर होने वाले अत्याचारों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि दलित अत्याचार कानून (SC/ST Act) के तहत दर्ज होने वाले कुल मामलों में से लगभग 50 फीसदी या उससे अधिक मामले एक ही जाति के लोगों पर दर्ज हैं।
अपने पोस्ट में जीतन राम मांझी ने अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े दो संवेदनशील मुद्दों को उठाते हुए आरजेडी के सामने आंकड़े रखे। जीतन राम मांझी ने पूछा कि ऐसा क्यों है कि मुस्लिम कब्रिस्तानों की जितनी भी जमीन पर कब्जा किया गया है, उसमें से लगभग 60 प्रतिशत जमीन पर सिर्फ एक खास जाति के लोगों का ही अवैध कब्जा है? वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर कब्जे के मामले में जीतन राम मांझी ने सवाल उठाया कि ऐसा क्यों है कि वक्फ की जितनी भी जमीन पर कब्जा किया गया है, उसमें से लगभग 65 प्रतिशत जमीन पर सिर्फ एक खास जाति के लोगों का ही कब्जा है?
इसके साथ ही जीतन राम मांझी ने दंगों का जिक्र करते हुए सवाल दागा कि क्यों दंगों में एक ही जाति के लगभग 40 फीसदी लोगों पर ही मुस्लिमों के ऊपर अत्याचार का आरोप लगा केस दर्ज होता है?
जीतन राम मांझी ने अपने पोस्ट के आखिरी में आरजेडी के नेताओं को चेतावनी देते हुए लिखा, 'अब जवाब तो देना होगा। आप हमारे ऊपर अत्याचार करो तो लीला, हम पलट कर जवाब दे दें तो कैरेक्टर ढीला। दलित अब किसी से डरने वाला नहीं है, हर मोर्चे पर करारा जवाब मिलेगा।'
Updated on:
22 May 2026 04:10 pm
Published on:
22 May 2026 04:10 pm
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