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IPS अमिताभ दास पर पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज, यौन शोषण और छेड़छाड़ के आरोपों से घिरा रहा है नाम

अमिताभ दास पर यौन शोषण और विदेशी महिला से छेड़छाड़ का भी आरोप है। वर्ष 2006 में एक महिला ने उनपर शादी का झूठा वादा कर लंबे समय तक यौन शोषण का आरोप लगाया था।
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पटना

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Rajesh Kumar Ojha

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Updated: 14 Feb 2026, 7:58 AM IST

अमिताभ दास

पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ दास को पटना पुलिस ने शुक्रवार की शाम उनके पाटलिपुत्रा स्थित घर से गिरफ्तार कर ली। पुलिस सूत्रों के अनुसार देर रात पुलिस ने उनको फिर छोड़ दिया है। पटना पुलिस ने उनपर पॉक्सो एक्ट समेत छह धाराओं में केस दर्ज किया है। इसके साथ ही उनपर रिटायरमेंट के बाद भी लेटर पैड पर भारत सरकार के प्रतीक चिन्ह और IPS पदनाम का इस्तेमाल जारी रखने का आरोप है। पटना पुलिस ने इसको गंभीरता से लेते हुए उनको गिरफ्तार कर लिया। अमिताभ दास का विवादों से पुराना रिश्ता रहा है। सरकार ने पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ दास को साल 2018 में जबरन रिटायर करवा दिया था।

क्या है मामला?

रिटायर IPS अमिताभ दास इन दिनों NEET जैसे मुद्दों पर सरकार के खिलाफ तीखी बयानबाज़ी कर रहे थे। उन पर भ्रामक सूचना देने का भी आरोप है। पटना पुलिस ने इस मामले को गंभीर से लेते हुए चित्रगुप्त नगर थाना में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के बाद उनको गिरफ्तार कर ली। अमिताभ दास पर रिटायरमेंट के बावजूद अपने निजी लेटर पैड पर भारत सरकार के राजकीय प्रतीक चिन्ह और IPS पदनाम का इस्तेमाल करने का भी आरोप है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसा करना ‘भारत का राज्य प्रतीक (अनुचित उपयोग निषेध) अधिनियम, 2005’ के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। पटना पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी में इसको भी आधार बनाया है।

यौन शोषण और विदेशी महिला से छेड़छाड़

अमिताभ दास पर वर्ष 2006 में एक महिला द्वारा यौन शोषण का आरोप लगाया था। महिला ने अमिताभ दास पर शादी का झूठा वादा कर लंबे समय तक यौन शोषण का आरोप लगाया था। तब वे जमुई में बीएमपी-11 के कमांडेंट पद पर तैनात थे। इसके कुछ समय बाद देवघर में एसपी रहते हुए भी उन पर एक विदेशी महिला से छेड़छाड़ करने का आरोप लगा था। सेवा के दौरान भी वे विवादों के पर्याय रहे। अमिताभ दास पर अपने सीनियर से एसीआर (वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट) नहीं लिखवाने का भी आरोप है। उनका कहना था कि सभी भ्रष्ट हैं इसलिए हमने अपना एसीआर किसी से नहीं लिखवाया था। 2018 में राज्य सरकार ने उन्हें अयोग्य करार देते हुए कम्पल्सरी रिटायरमेंट दे दिया था। जो कि पुलिस महकमे में एक दुर्लभ घटना मानी जाती है।

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