
जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार (फोटो - Niraj Kumar X)
Bihar Politics: IRCTC स्कैम से जुड़े मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की पेशी के बाद बिहार की सियासत फिर से गरमा गई है। जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने लालू यादव पर तीखा हमला करते हुए कहा, "सिर्फ जेल की सजा काफी नहीं है, अगर वो दोषी साबित होते हैं, तो उनकी प्रॉपर्टी भी ज़ब्त कर लेनी चाहिए।" इसके अलावा, नीरज कुमार ने लालू यादव को समाजवाद का कलंक बताया। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा आरोपियों के खिलाफ पहले ही भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप तय किए जा चुके हैं।
JDU प्रवक्ता नीरज कुमार ने लालू यादव की कोर्ट में पेशी पर तंज कसते हुए कहा कि जिस उम्र में उन्हें आराम करना चाहिए, उस उम्र में वो अपने कर्मों के कारण अदालतों के चक्कर काट रहे हैं। नीरज कुमार ने कहा, "लालू प्रसाद राजनीति के एक ऐसे दुर्गुण हैं, जिन्होंने समाजवादी आंदोलन को कलंकित किया है। संपत्ति सृजन और परिवार का विकास ही उनकी राजनीति का असली एजेंडा था। आज जो उनकी स्थिति है, वह उनकी स्वाभाविक दुर्गति है।"
नीरज कुमार ने आरोप साबित होने पर लालू यादव के लिए जेल की सजा को नाकाफी बताया है। उन्होंने कहा, "IRCTC स्कैम में कोर्ट को अपना फैसला जल्दी सुनाना चाहिए और अगर वह (लालू यादव) कोर्ट में दोषी पाए जाते हैं, तो भ्रष्टाचार से कमाई गई उनकी प्रॉपर्टी भी जब्त कर लेनी चाहिए। वहां अनाथालय और हॉस्टल बनाए जाने चाहिए, सिर्फ जेल की सजा काफी नहीं है।"
इस बीच, बिहार सरकार के मंत्री और BJP के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप कुमार जायसवाल ने इस मामले पर संतुलित जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मामला कोर्ट में पेंडिंग है और जांच एजेंसियों ने अपने सबूत पेश कर दिए हैं। कोर्ट का फैसला सबसे ऊपर है, इसलिए इस समय इस पर कोई कमेंट करना ठीक नहीं है।
पिछली सुनवाई में, दिल्ली के राउज़ एवेन्यू कोर्ट में स्पेशल CBI जज विशाल गोगने ने लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत दूसरे आरोपियों के खिलाफ इंडियन पीनल कोड (IPC) के सेक्शन 420 (धोखाधड़ी), 120B (क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी) और प्रिवेंशन ऑफ़ करप्शन एक्ट के अलग-अलग सेक्शन के तहत चार्ज तय किए थे।
कोर्ट ने यह नतीजा निकाला कि यह एक बड़ी कॉन्सपिरेसी थी जिसका सीधा फायदा लालू परिवार को हुआ। कोर्ट ने कहा कि राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को कॉन्ट्रैक्ट देने के बदले में बहुत कम कीमत पर रिश्वत के तौर पर ज़मीन दी गई थी। हालांकि, लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव ने कोर्ट में साफ कहा कि वे इन आरोपों को नहीं मानते और ट्रायल का सामना करेंगे।
यह स्कैम उस समय का है जब लालू यादव देश के रेल मंत्री थे। आरोप है कि प्राइवेट कंपनियों को रेलवे केटरिंग कॉन्ट्रैक्ट देने के बदले में कीमती जमीन लालू परिवार के सदस्यों के नाम पर ट्रांसफर की गई थी। CBI इस मामले में पहले ही एक डिटेल्ड चार्जशीट फाइल कर चुकी है और अब चार्ज तय होने के बाद रेगुलर ट्रायल शुरू होगा।
Published on:
28 Feb 2026 01:50 pm
बड़ी खबरें
View Allपटना
बिहार न्यूज़
ट्रेंडिंग
