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‘डॉक्टरों को पहले दिन से…’, NEET छात्रा कांड में नर्स ने CBI के सामने खोली पोल; बताया उस रात का सच

NEET छात्रा कांड में CBI जांच ने अब हॉस्पिटल के उन राज को सामने ला दिया है जो अब तक छिपे हुए थे। प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल की महिला स्टाफ रितु कुमारी के खुलासों ने केस में नया मोड़ ला दिया है।

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पटना

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Anand Shekhar

Feb 28, 2026

NEET Student Rape-Death Case

नीट छात्रा केस में अस्पताल की नर्स ने खोले राज

NEET Student Rape-Death Case: बिहार के राजधानी पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत और रेप मामले की जांच एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। CBI ने मामले में प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल की एक महिला स्टाफ से करीब पांच से छह घंटे पूछताछ की। पूछताछ के बाद बाहर आई नर्स रितु कुमारी ने जो बातें कहीं, उसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। रितु ने दावा किया कि हॉस्पिटल के डॉक्टरों और स्टाफ को शुरू से ही शक था कि छात्रा के साथ गलत हुआ है।

हॉस्पिटल में हो रही थी रेप की बात

करीब छह घंटे की पूछताछ के बाद CBI ऑफिस से निकलने के बाद रितु कुमारी ने मीडिया से कहा, "मैंने CBI को वह सब कुछ बता दिया है जो मैंने देखा और सुना है। अब यह उनकी जिम्मेदारी है कि वे सच सामने लाएं।" नर्स रितु कुमारी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। रितु ने बताया कि जब छात्रा को अस्पताल लाया गया, तो वह पूरी तरह बेहोश थी। पहले घंटे में ही हॉस्पिटल स्टाफ और जूनियर डॉक्टरों में यह बात फैल गई कि यह रेप (सेक्सुअल असॉल्ट) का मामला है। हालांकि, पता नहीं बाद में यह मामला कैसे बदल गया? उन्होंने कहा कि इस बारे में वह कुछ नहीं बता सकती है।

वहीं, छात्रा को नशे की सुई लगाए जाने के संबंध में नर्स ने कहा कि वो इस बारे में कुछ नहीं बता सकती। लेकिन छात्रा के साथ कुछ ने कुछ तो गलत जरूर हुआ था। नर्स के मुताबिक, पीड़िता के शरीर पर संघर्ष के निशान साफ ​​दिख रहे थे, खासकर उसके कंधों और कोहनी पर गहरी खरोंचें थीं।

रितु कुमारी ने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि हॉस्पिटल के कुछ डॉक्टरों ने छात्रा की हालत और केस की सेंसिटिविटी को देखते हुए उसे एडमिट करने से मना कर रहे थे। हालांकि, कुछ सीनियर डॉक्टरों की सहमति से उसे बाद में एडमिट कर लिया गया।

हॉस्टल संचालिका का पैसे का खेल

रितु के मुताबिक, हॉस्टल संचालिका ने अस्पताल में पीड़ित परिवार को दिलासा देने के बहाने चुप कराने की कोशिश की। उसने परिवार से कहा, "यह सिर्फ आपकी बेटी नहीं है, यह मेरी भी बेटी है। मैं इसके इलाज का सारा खर्च उठाऊंगी।" आरोप है कि संचालिका पैसे लेकर केस को दबाना चाहती थी और परिवार को पुलिस के पास जाने से लगातार रोक रही थी। परिजनों ने पहले ही आरोप लगाया है कि इलाज और जांच को लेकर पैसे का खेल चल रहा था।

पटना पुलिस पर सवाल

नीट छात्रा के इस मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि पुलिस ने शुरू में दावा किया कि छात्रा के साथ कुछ भी गलत नहीं हुआ है। आधिकारिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने से पहले ही इसे आत्महत्या मान लिया गया। केस को मेडिको-लीगल केस (MLC) के तौर पर रजिस्टर नहीं किया गया। क्राइम सीन को समय पर सील नहीं किया गया। सिर्फ थानाध्यक्ष को सस्पेंड करके केस को दबाने की कोशिश की गई। यह भी आरोप है कि पुलिस ने सुसाइड की कहानी बनाकर केस को भटकाने की कोशिश की।

CBI से उम्मीद, सिस्टम से भरोसा टूटा

मीडिया से बातचीत के दौरान रितु कुमारी का दर्द और गुस्सा साफ दिख रहा था। उन्होंने साफ कहा, "पुलिस से मेरा भरोसा उठ गया है। सच सामने आना चाहिए, चाहे वह किसी के भी खिलाफ हो।" रितु ने उम्मीद जताई कि सिर्फ निष्पक्ष CBI जांच से ही छात्रा को इंसाफ मिलेगा। CBI लगातार पटना पुलिस की जांच टीम, छात्रा के परिवार, हॉस्पिटल मैनेजमेंट, डॉक्टरों और दूसरे स्टाफ से पूछताछ कर रही है। डॉक्यूमेंट्स देखे जा रहे हैं और उस रात की घटनाओं का सीक्वेंस समझने की कोशिश की जा रही है।