
तेजस्वी यादव के साथ देवा गुप्ता (फ़ाइल फ़ोटो)
Bihar News: बिहार की राजधानी पटना में एक हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी हुई, जिसने न सिर्फ पुलिस डिपार्टमेंट में हलचल मचा दी, बल्कि सत्ता के गलियारों में भी राजनीतिक पारा चढ़ा दिया। मोतिहारी का मोस्ट वांटेड क्रिमिनल, 1 लाख का इनामी और RJD नेता देवा गुप्ता को STF ने नाटकीय ढंग से गिरफ्तार किया, लेकिन कुछ ही घंटों बाद उसे छोड़ दिया गया।
गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए, बिहार STF टीम ने राजधानी के पाटलिपुत्र थाना इलाके में स्थित राधिका अपार्टमेंट के फ्लैट 301 और 303 में छापा मारा। वहां से टीम ने मोतिहारी के कुख्यात क्रिमिनल और RJD नेता देवा गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। इत्तेफाक से, उस दिन उनकी शादी की सालगिरह भी थी। देवा गुप्ता को सिर्फ़ एक क्रिमिनल के तौर पर ही नहीं, बल्कि मोतिहारी की मेयर प्रीति कुमारी के पति और तेजस्वी यादव के करीबी के तौर पर भी जाना जाता है।
देवा गुप्ता को उस दिन अरेस्ट किया गया जिस दिन वह अपनी शादी की सालगिरह मना रहा था। अपनी गिरफ्तारी से ठीक आठ घंटे पहले, देवा ने अपने फेसबुक अकाउंट पर अपनी पत्नी के साथ एक इमोशनल फोटो शेयर की। उसने लिखा, "तुम सिर्फ़ मेरी पत्नी नहीं हो, तुम मेरा गर्व और सम्मान हो।" इस प्यार भरे मैसेज के कुछ ही घंटों बाद, स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने उसके घर पर रेड मारी और जश्न का माहौल अचानक पुलिस की कार्रवाई में बदल गया।
देवा गुप्ता पर मर्डर, रॉबरी, एक्सटॉर्शन और जमीन हड़पने जैसे 28 गंभीर आरोप हैं। वह मोतिहारी पुलिस की टॉप 100 हिट लिस्ट में सबसे ऊपर है। इसके बावजूद, उन्हें गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों बाद छोड़ दिया गया। इसकी मुख्य वजह पटना हाई कोर्ट का एक अंतरिम ऑर्डर था। देवा गुप्ता के वकील नीलांजन चटर्जी के मुताबिक, हाई कोर्ट ने 24 दिसंबर, 2025 को पिटीशन नंबर 3330/2025 की सुनवाई के दौरान उनकी गिरफ्तारी और जबरदस्ती की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी।
वकीलों का दावा है कि STF को इस ऑर्डर के बारे में पता था, फिर भी जानबूझकर कोर्ट के समय और होली की छुट्टियों से ठीक पहले गिरफ्तारी की गई। वकीलों ने इसे "कोर्ट की अवमानना" बताया है। वकीलों ने यह भी आरोप लगाया कि यह कार्रवाई कोर्ट के समय के बाद की गई, जिससे उनके कानूनी मदद लेने की क्षमता में रुकावट आ सकती थी। बाद में कानूनी स्थिति की समीक्षा के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।
तेजस्वी यादव के करीबी माने जाने वाले देवा गुप्ता की राजनीतिक प्रोफाइल तेजी से बढ़ी है। 2022 में उनकी पत्नी प्रीति मेयर चुनी गईं और 2025 में, उन्होंने खुद RJD के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा। उनकी गिरफ्तारी के बाद, मेयर प्रीति कुमारी ने बेवजह परेशान किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनके पति को या तो बेल मिल गई है या उनके खिलाफ ज़्यादातर केस में कोर्ट का स्टे ऑर्डर है।
मोतिहारी SP स्वर्ण प्रभात ने देवा गुप्ता की बढ़ती क्रिमिनल एक्टिविटीज को देखते हुए देवा गुप्ता पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस रिकॉर्ड से पता चलता है कि वह दो केस में लंबे समय से फरार था। पुलिस ने उसे 10 दिनों के अंदर सरेंडर करने का अल्टीमेटम भी दिया था, लेकिन डेडलाइन खत्म होने से पहले ही देवा को हाई कोर्ट से कानूनी राहत मिल गई।
Updated on:
28 Feb 2026, 11:08 AM IST
Published on:
28 Feb 2026, 11:07 AM IST
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